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Last Updated : रविवार, 2 अगस्त 2020 (13:47 IST)

कौन है डेविड ड्यूक जिसे ट्व‍िटर ने स्‍थाई रूप से कर दि‍या प्रत‍िबंधि‍त?

Devid duke
Photo : Social media
श्वेतों को सर्वोच्च नस्ल मानने वाले संगठन ‘कु क्लक्स क्लां’ (केकेके) के पूर्व ग्रैंड विजार्ड डेविड ड्यूक को ट्वि‍टर ने हाल ही में स्‍थाई रूप से बैन कर दिया है।

ड्यूक ने सोशल मीड‍ि‍या प्‍लेटफॉर्म के नियमों का उल्‍लंघन किया था। बताया गया कि उनका आखिरी ट्वीट होलोकॉस्‍ट डेन‍ियर रूडोल्‍फ के साथ इंटरव्‍यू से संबंधि‍त था। यह हेट स्‍पीच से जुड़ा था।

बता दें कि मार्च में ही ट्वि‍टर ने अपनी कंटेंट पॉल‍िसी में बदलाव किया गया था, जिसके मुताबि‍क यूजर्स को अब घृणास्‍पद यानी हेट स्‍पीच जैसे कंटेंट पोस्‍ट करने की अनुमत‍ि नहीं है।

दरअसल ट्व‍िटर ही नहीं बल्‍कि कुछ ही समय पहले यूट्यूब ने भी ड्यूक को प्रत‍िबंधि‍त किया था। दरअसल पिछले दिनों ट्विटी ही नहीं कई दूसरी सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ने अपनी कंटेंट पॉल‍ि‍सी में बदलाव किया है। पिछले दिनों अमेरिका में ब्‍लैक लाइव्‍स मेटर मूवमेंट के दौरान ऐसा बहुत देखने को म‍िला था जिसके बाद सोशल नेटवर्किंग बेवसाइट रेडइट ने भी अपनी पॉलिसी में बदलाव किया था।

आखि‍र कौन है ड्यूक?
ड्यूक श्वेतों को सर्वोच्च नस्ल मानने वाले संगठन ‘कु क्लक्स क्लां’ (केकेके) के 1974 से 1978 तक लीडर रह चुके हैं। वे व्‍हाइट सुप्रीमिस्‍ट और एंटी सेमिट‍िज्‍म के तौर पर एक बहुत बडी पहचान रखते हैं। उन्‍हें अमेरिका में श्‍वेत वर्ग का चेहरा माना जाता है।

बता दें कि अमेरिका में हाल ही में श्‍वेत और अश्‍वेत को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान एक अश्‍वेत व्‍यक्‍त‍ि जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई थी। जिसके बाद पूरे अमेरिका में ब्‍लैक लाइव्‍स मेटर अभि‍यान चलाया गया था। आज भी अमेरिका में काले और गोरे वर्ग के बीच अपने-अपने अस्‍ति‍त्‍व को लेकर बहस जारी है।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें
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