दुनिया के 11 महान जादूगर, जानिए भारत के कितने....

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
हैरी हुडनी( harry houdini )- पश्‍चिमी जगत में हुडनी या हुडिनी सबसे बड़ा नाम है। सभी जादूगर उनसे प्रेरणा लेते हैं। हालांकि वे कुछ खास नहीं बस किसी भी प्रकार के बंधन या ताले से बाहर निकलने की कला जानते थे। यह भी सच है कि उन्होंने जो किया उनके जैसा कोई शायद ही कर पाए। हुडनी को मूलत: स्टंट परफॉर्मर के तौर पर जाना जाता था। हंगरी-अमेरिका में जन्मे हुडनी ने 52 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।
 
यहूदी धर्मगुरु के बेटे हुडिनी ताले और बेडियों के जकडज़ाल से बच निकलने को जादुई अंदाज में पेश करने में माहिर थे। हुडिनी का वास्तविक नाम एरिक वेस था। उनका जन्म हंगरी के बुडापेस्ट शहर में 24 मार्च, 1874 को हुआ था। पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपने सभी भाई बहिनों के साथ वे अमेरिका में जाकर बस गए। बैस नामक युवती के साथ उनकी शादी भी हुई।
 
लंदन में उनकी शौहरत के बाद लंदन के ‘डेली मिरर’ नामक एक अखबार के एक पत्रकार ने उनको चुनौती दी कि वह एक लुहार की पांच सालों की मेहनत से बनाई गई हथकड़ियों को खोल कर दिखाएं। हुडिनी ने उसकी चुनौती स्वीकारते हुए चार हजार दर्शकों के विशाल जनसमूह में उन हथकड़ियों को बिना किसी चाभी के पांच मिनट में खोलकर दिखा दिया।
 
वॉशिंगटन की एक जेल में उसे पूरी तरह निर्वस्त्र करने के बाद उसकी तलाशी लेकर एक काल कोठरी में डाल दिया गया। अब जेल अधिकारी निश्चिन्त थे कि किसी तरह का औजार पास में न होने के कारण हुडिनी बाहर न निकल सकेगा। लेकिन आश्चर्य कि न केवल वह स्वयं दो ही मिनट के अन्तराल में उस काल कोठरी से बाहर हो गया, बल्कि खेल ही खेल में उसने 27 मिनट के थोड़े से समय में 18 अन्य कैदियों को उनकी अपनी कोठरियों से निकाल कर दूसरी कोठरियों में डाल दिया। इस तरह हुडिनी के किस्से हजारों हैं।
 
यह आश्चर्य वाली बात थी कि हुडिनी ने एक बार पत्रकारों को बताया था कि उसके चमत्कारों का रहस्य भारतीय योग के प्राणायाम की श्वास की सिद्धि एवं मन की एकाग्रता में है। इस सिद्धि से वे अपने शरीर को कुछ हद तक फैला और सिकौड़ लेते थे। 
 
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