अगर आप इंदौर के खान-पान और राजवाड़ा की रौनक के शौकीन हैं, तो जरा ठहरिए! इसी शहर की गलियों और विरासतों के पीछे कुछ ऐसे अनसुलझे रहस्य भी छिपे हैं, जिन्हें सुनकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाएं। पेश है 'मिनी मुंबई' के अंधेरे कोनों की एक डरावनी सैर, एक नए और रोमांचक अंदाज में।
इंदौर की 'हॉरर डायरी': जहाँ सन्नाटा भी बोलता है
इंदौर सिर्फ जायकों का शहर नहीं है, यहाँ की कुछ जगहों पर आज भी 'अदृश्य' दुनिया का पहरा माना जाता है। अगर आप रोमांच के शौकीन हैं, तो इन जगहों की कहानियाँ आपको हैरान कर देंगी:
1. शाही महलों के अनकहे साये
लाल बाग पैलेस: दिन में अपनी भव्यता से लुभाने वाला यह महल रात होते ही बदल जाता है। यहाँ गलियारों में किसी के चलने की आहट और दबी हुई फुसफुसाहटें आज भी हवाओं में तैरती महसूस होती हैं।
राजवाड़ा पैलेस: शहर का दिल कहे जाने वाले इस महल के पुराने हिस्सों में सूरज ढलते ही अजीबोगरीब गतिविधियाँ (Paranormal activities) महसूस की गई हैं।
2. वो रास्ते, जहाँ रात भारी है
क्रिश्चियन कब्रिस्तान (खंडवा रोड): सफेद परछाइयों का दिखना यहाँ आम बात बताई जाती है। कब्रों के सन्नाटे के बीच यहाँ से गुजरने वालों की धड़कनें अक्सर तेज हो जाती हैं।
भगीरथपुरा पुल और गमले वाली पुलिया: इन रास्तों से गुजरने वाले मुसाफिरों ने अक्सर कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जिनका विज्ञान के पास कोई जवाब नहीं है।
चोरल डैम: पिकनिक के लिए मशहूर यह जगह अंधेरा होते ही एक खौफनाक सन्नाटे की चादर ओढ़ लेती है।
3. रहस्यमयी इमारतें और वीरानियां
फूटी कोठी: यह अधूरी इमारत अपनी बनावट से ही किसी डरावनी फिल्म के सेट जैसी लगती है। लोग इसे 'भूत बंगला' कहने से भी गुरेज नहीं करते।
सुख निवास पैलेस: महलों की फेहरिस्त में इसका नाम भी शामिल है, जहाँ रात के पहरे में रूहानी ताकतों के होने का दावा किया जाता है।
एमजी रोड की वीरान इमारत: शहर के सबसे व्यस्त इलाके के बीच स्थित इस इमारत के बारे में मशहूर है कि यहाँ एक महिला की आत्मा का साया आज भी मौजूद है।
4. आस्था और अनहोनी का संगम
बालाजी मंदिर (पिगडंबर): यहाँ की सबसे चौंकाने वाली कहानी है रात के सन्नाटे में मंदिर की घंटियों का अपने आप बजना, जिसे सुनकर लोग आज भी सिहर उठते हैं।
मेघदूत बगीचा और काजी की चॉल: शाम के धुंधलके के बाद इन जगहों की ऊर्जा पूरी तरह बदल जाती है और यहाँ का माहौल किसी अनहोनी का संकेत देने लगता है।
चेतावनी: ये कहानियाँ स्थानीय मान्यताओं और लोगों के अनुभवों पर आधारित हैं। इनकी सचाई पर भरोसा करने से पहले अपने विवेक का उपयोग करें ।
Edited by: Anirudh Joshi