एमवाय अस्पताल ने छुपाई अपनी करतूत, फोटो में सामने आया चारों अंगुलिया खा गए चूहे, जयस ने लगाया बड़ा आरोप
पेस्ट कंट्रोल कंपनी को नोटिस, अब बड़े स्तर पर सुधार की कवायद
इंदौर के अस्पताल में भर्ती नवजात बच्ची के हाथ की चारों अंगुलियां कुतर गए थे चूहे। यह बात एमवाय अस्पताल ने पुलिस और प्रशासन से छुपाई थी। जब अंतिम संस्कार के लिए बच्ची के शरीर से अस्पताल की पैकिंग हटाई गई तो चारों अंगुलियां गायब देखकर परिजनों के होड उड़ गए। अब ये फोटो वायरल हो रहा है जिसमें एमवाय में भर्ती बच्ची की चारों अंगुलियां चूहों ने बुरी तरह से कुतर डाली नजर आ रही है। चूहों ने बच्ची को इस कदर काटा था कि यह वीभत्स दृश्य फोटो में साफ नजर आ रहा है। जनजातीय समुदाय के एक संगठन ने अस्पताल पर ये बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
बता दें कि इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के प्रशासन पर झूठ बोलकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जनजातीय समुदाय के एक संगठन ने सोमवार को आरोप लगाया कि अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती एक नवजात बच्ची के हाथ की चारों अंगुलियां चूहे कुतर गए थे।
बचाने को किया था एडमिट, लेकिन जान ले ली : जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि धार जिले के जनजातीय समुदाय के देवराम की नवजात बेटी को जन्मजात विकृतियों के चलते एमवाईएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। चूहों के हमले के बाद उसकी मौत हो गई थी। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद इसे प्लास्टिक की थैली में पैक करके शनिवार देर शाम परिजनों सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची को इलाज के लिए भर्ती किया था, लेकिन अस्पताल ने उसकी जान ही ले ली।
अंतिम संस्कार में सामने आई सच्चाई : उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार से पहले जब शव से पैकिंग हटाई गई, तो परिजनों का शोक और आक्रोश यह देखकर बढ़ गया कि नवजात बच्ची के एक हाथ की कथित तौर पर चारों अंगुलियां चूहे कुतर चुके थे। बच्ची की बुरी तरह कुतरी गई अंगुलियों की फोटो सोशल मीडिया में वायरल है। मुजाल्दा ने आरोप लगाया कि एमवाईएच प्रशासन ने शुरुआत में इस बच्ची के बारे में झूठ बोलकर गुमराह किया था कि चूहों के काटने से उसकी अंगुलियों में मामूली जख्म हुए हैं।
नहीं तो आंदोलन करेंगे : मुजाल्दा ने एमवाईएच के अधीक्षक समेत शीर्ष अधिकारियों को निलंबित करके उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। सोमवार शाम तक यह मांग पूरी नहीं किए जाने पर आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।
अस्पताल पर घोर लापरवाही के आरोप : इधर एमवाईएच प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि दोनों नवजात बच्चियों की मौत का चूहों के काटने से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने अलग-अलग जन्मजात विकृतियों के कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्यगत परेशानियों से दम तोड़ा। अगर बीमारी से मौत हुई भी है तो भी जिस तरह से बच्ची की अंगुलियां चूहों ने कुतर डाली है उसे लेकर एमवाय अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आलोचना हो रही है।
एंजिल कंपनी दोषी, नोटिस जारी किया : एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने पेस्ट कंट्रोल कंपनी एंजिल को दोषी माना है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीन लिया गया है। इसके साथ एंजिल कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि एंजिल कंपनी का पेस्ट कंट्रोल कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया गया है। अब एमवायएच में कई स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस प्रक्रिया में चूहों को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए नए प्रावधान किए जाएंगे। साथ ही, अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वर्क, सफाई, मरम्मत और अन्य सुधार कार्य भी होंगे। इन कामों के लिए आर्किटेक्ट की टीम बनाई गई है। इसके साथ कई अन्य विभागों की भी मदद ली जाएगी। घनघोरिया ने कहा कि यह टीमें कई बदलाव करेंगी। इन बदलावों का उद्देश्य मरीजों को बेहतर देखभाल प्रदान करना और अस्पताल के संचालन में सुधार करना है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
बता दें कि इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के प्रशासन पर झूठ बोलकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जनजातीय समुदाय के एक संगठन ने सोमवार को आरोप लगाया कि अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती एक नवजात बच्ची के हाथ की चारों अंगुलियां चूहे कुतर गए थे।
बचाने को किया था एडमिट, लेकिन जान ले ली : जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि धार जिले के जनजातीय समुदाय के देवराम की नवजात बेटी को जन्मजात विकृतियों के चलते एमवाईएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। चूहों के हमले के बाद उसकी मौत हो गई थी। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद इसे प्लास्टिक की थैली में पैक करके शनिवार देर शाम परिजनों सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची को इलाज के लिए भर्ती किया था, लेकिन अस्पताल ने उसकी जान ही ले ली।
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नहीं तो आंदोलन करेंगे : मुजाल्दा ने एमवाईएच के अधीक्षक समेत शीर्ष अधिकारियों को निलंबित करके उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। सोमवार शाम तक यह मांग पूरी नहीं किए जाने पर आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।
अस्पताल पर घोर लापरवाही के आरोप : इधर एमवाईएच प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि दोनों नवजात बच्चियों की मौत का चूहों के काटने से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने अलग-अलग जन्मजात विकृतियों के कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्यगत परेशानियों से दम तोड़ा। अगर बीमारी से मौत हुई भी है तो भी जिस तरह से बच्ची की अंगुलियां चूहों ने कुतर डाली है उसे लेकर एमवाय अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आलोचना हो रही है।
एंजिल कंपनी दोषी, नोटिस जारी किया : एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने पेस्ट कंट्रोल कंपनी एंजिल को दोषी माना है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीन लिया गया है। इसके साथ एंजिल कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि एंजिल कंपनी का पेस्ट कंट्रोल कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया गया है। अब एमवायएच में कई स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस प्रक्रिया में चूहों को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए नए प्रावधान किए जाएंगे। साथ ही, अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वर्क, सफाई, मरम्मत और अन्य सुधार कार्य भी होंगे। इन कामों के लिए आर्किटेक्ट की टीम बनाई गई है। इसके साथ कई अन्य विभागों की भी मदद ली जाएगी। घनघोरिया ने कहा कि यह टीमें कई बदलाव करेंगी। इन बदलावों का उद्देश्य मरीजों को बेहतर देखभाल प्रदान करना और अस्पताल के संचालन में सुधार करना है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
