उज्जैन में ‘महाकाल को धोखा’, मंदिर से 100 मीटर की दूरी पर शाकाहारी होटल में बन रहा नॉनवेज, अधिकारी ही खा रहे
उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित MPT (मध्य प्रदेश पर्यटन) के होटल में नॉनवेज बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह आरोप महाकाल मंदिर से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर स्थित मध्य प्रदेश पर्यटन की द हेरिटेज होटल महाराजवाडा के स्टाफ पर लगा है। आरोप है कि यहां का स्टाफ और अधिकारी रात में अपने लिए मांस और मछली पकाकर खाते हैं।
यह धांधली करने के लिए वे सीसीटीवी कैमरों को घुमाकर एंगल बदल देते हैं, जिससे किसी को यह करतूत नजर न आए। हैरान करने वाली बात यह है कि महाकाल आने वाले अतिथियों को मंदिर ले जाने वाला लाइजिंग अफसर ही यहां नॉनवेज बनवा रहा है। उज्जैन के स्थानीय मीडिया के हाथ कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं।
यहां वाले अतिथियों को मंदिर ले जाने वाले लाइजिंग अफसर का नाम अजय राणावत है। इस अधिकारी का काम अतिथियों को मंदिर दर्शन के लिए और आरती के लिए ले जाना है। इसी अधिकारी पर नॉनवेज बनवाने के आरोप लगे हैं।
MPT के होटल में ही 'नॉनवेज': उज्जैन के सबसे प्रमुख सरकारी MPT के होटल में (जो महाकाल मंदिर के बेहद करीब है) के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के अनुसार, होटल के कुछ कर्मचारी किचन में लगे CCTV कैमरों का रुख (Angle) मोड़कर वहां नियमों के विरुद्ध नॉनवेज बना रहे थे। इनमें लाइजिंग अफसर अजय राणावत भी शामिल है। यह घटना सामने आने के बाद प्रशासन सक्ते में आ गया है।
बता दें कि उज्जैन का महाकाल मंदिर क्षेत्र 'पवित्र क्षेत्र' घोषित है, जहां मांस-मदिरा का सेवन और निर्माण कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। होटल के प्रबंधन को किचन में लगे कैमरों के एंगल में बार-बार बदलाव होने का संदेह हुआ। जब जांच की गई, तो पाया गया कि कर्मचारी अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए कैमरों को घुमा देते थे।
दोषी कर्मचारी सस्पैंड : इस घटना के सामने आते ही पर्यटन विभाग (MP Tourism) ने सख्त रुख अपनाया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर होटल के दोषी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। उज्जैन प्रशासन ने इस मामले में कड़ी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी सरकारी या निजी होटल में ऐसी गतिविधि दोबारा पाई जाती है, तो उस पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल लॉग्स की जांच शुरू : वहीं वर्तमान में होटल की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, विभाग ने अब डिजिटल लॉग्स की जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिलसिला कब से चल रहा था। उज्जैन नगर निगम और पुलिस अब मंदिर के आसपास के सभी होटलों के किचन की औचक जांच (Surprise Inspection) कर रही है ताकि 'पवित्र क्षेत्र' की मर्यादा बनी रहे।
सरकारी और स्थानीय नियम : उज्जैन नगर निगम और मध्य प्रदेश सरकार ने महाकाल मंदिर के आसपास के एक निर्धारित क्षेत्र (आमतौर पर 250 मीटर से 1 किलोमीटर के दायरे में) को 'पवित्र क्षेत्र' घोषित किया हुआ है। यहां नॉनवेज परोसने या बेचने पर सख्त पाबंदी है। हाल के वर्षों में प्रशासन ने मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों और महाकाल लोक के आसपास स्थित मांस की दुकानों और मांसाहारी रेस्तरां को हटाने या उन्हें शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए, मंदिर के मुख्य गेट और दर्शन मार्ग के आसपास मांसाहार की सार्वजनिक बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
Edited By: Naveen R Rangiyal