मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को नाराज इंदौरियों ने घेरा, कहा आप पी लो ये पानी
Indore Contaminated Water Case : देश के 'सबसे स्वच्छ शहर' कहे जाने वाले इंदौर में साफ पानी की हकीकत ने सिस्टम के दावों की पोल खोल दी है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित और सीवर मिले पानी से हुई 16 मौतों के बाद जब गुस्साई जनता जवाब मांग रही है, तब जिम्मेदारों के प्रतिनिधि सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। आज इंदौर के स्थानीय लोगों ने कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को घेर लिया। लोगों ने उनसे पूछा कि क्या वे ये पानी पी सकते हैं? नाराज लोगों ने आगे पूछा कि आपके लिए तो बिसलेरी की बोतल आएगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में लंबे समय से सीवर के पानी की आपूर्ति हो रही थी, जिसकी शिकायतें प्रशासन को दी गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
खबरों के अनुसार, इंदौर में साफ पानी की हकीकत ने सिस्टम के दावों की पोल खोल दी है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित और सीवर मिले पानी से हुई 16 मौतों के बाद जब गुस्साई जनता जवाब मांग रही है, तब जिम्मेदारों के प्रतिनिधि सवालों से बचते नजर आ रहे हैं।
इस बीच आज इंदौर के स्थानीय लोगों ने कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को घेर लिया। लोगों ने उनसे पूछा कि क्या वे ये पानी पी सकते हैं? नाराज लोगों ने आगे पूछा कि आपके लिए तो बिसलेरी की बोतल आएगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी में लंबे समय से सीवर के पानी की आपूर्ति हो रही थी, जिसकी शिकायतें प्रशासन को दी गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हालात यह हैं कि जनता को टैंकरों से ऐसा पानी दिया जा रहा है, जिसे खुद प्रशासन उबालकर पीने की सलाह दे रहा है। वहीं नेताओं और अधिकारियों के सामने बैठकों में मिनरल वॉटर की बोतलें रखी जा रही हैं। सवाल उठता है कि क्या साफ पानी सिर्फ सत्ता में बैठे लोगों का हक है?
आज भागीरथपुरा में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं। दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'बाहरी लोग वापस जाओ' के नारे लगाए तो कांग्रेसियों ने 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। मौके पर मौजूद पुलिस ने मोर्चा संभाला।
कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से मृत हुए लोगों के परिजनों से बस्ती में आए थे। वहां भाजपा कार्यकर्ता बस्ती वालों के साथ मिलकर काले झंडे दिखाने लगे और वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाने लगे। दूषित पानी पीने से 1500 से ज़्यादा लोग बीमार हुए हैं।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने जल संक्रमण की बात की पुष्टि करते हुआ बताया था कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जल संक्रमण मिला है और उसकी वजह से लोगों को स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या संदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Edited By : Chetan Gour