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Last Updated : बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 (14:34 IST)

इंदौर निगम कर्मचारी ने कलेक्‍टर से मांगी इच्‍छा मृत्‍यु, पार्षद पर लगाया गाली-गलौज और दबाव का आरोप

euthanasia
इंदौर में नगर निगम कर्मचारी ने कलेक्‍टर से इच्‍छा मृत्‍यु की मांग करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कर्मचारी ने यहां भाजपा पार्षद कमलेश कालरा पर गाली-गलौज और दबाव का आरोप लगाते हुए यह मांग की है। यह मांग इंदौर के कलेक्‍टर कार्यालय में हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में की गई। इस अपील को लेकर आवेदन दिया गया है।

जनसुनवाई के आवेदन के मुताबिक यतीन्द्र यादव पिता प्रेमचंद्र यादव निवासी 1128 भागीरथपुरा नई बस्ती, इंदौर ने बताया कि वे पिछले 15 साल से नगर निगम में दरोगा पद पर कार्यरत रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि इस अवधि में उनके खिलाफ न तो कोई विभागीय प्रतिकूल टिप्पणी हुई और न ही कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ। स्वयं को कानून-प्रिय और ईमानदार कर्मचारी बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा नियमों के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

प्रार्थी यतीन्द्र यादव ने आरोप लगाया है कि गाली-गलौज का ऑडियो वायरल किए जाने, नौकरी से हटाए जाने और सामाजिक बदनामी के कारण वह और उसका परिवार गंभीर मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। इसलिए वे कलेक्‍टर से इच्‍छा मृत्‍यु की मांग करते हैं। कर्मचारी यतींद्र ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के समक्ष जनसुनवाई में आवेदन देकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। आवेदन दिनांक 24 फरवरी 2026 को प्रस्तुत किया गया है।

बता दें कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने उनका नोटिस लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्‍होंने नियमानुसार नोटिस चस्पा करने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान संबंधित पक्ष द्वारा स्थानीय भाजपा पार्षद कमलेश कालरा से फोन पर बात करवाई गई। यतींद्र 23 दिसंबर 2024 को जोन क्रमांक 12 के वरिष्ठ भवन अधिकारी के आदेश पर वे 34-डी, खातीवाला टैंक स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण के संबंध में सूचना पत्र (क्रमांक 1607/2024, दिनांक 20 दिसंबर 2024) तामील कराने गए थे।

दरोगा पद पर कार्यरत रहे हैं पीड़ित : यतींद्र का कहना है कि भाजपा पार्षद उन पर नोटिस वापस ले जाने का दबाव बना रहा है और कहा कि उनकी वरिष्ठ अधिकारी से बात हो चुकी है हालांकि, प्रार्थी के अनुसार जब उन्होंने वरिष्ठ भवन अधिकारी से पुष्टि की तो बताया गया कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई और उन्हें नियमानुसार नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए गए।

गाली-गलौज और धमकी का आरोप : आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद भाजपा पार्षद द्वारा बार-बार फोन किया गया और मिलने का दबाव बनाया गया। बाद में एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े थे, पार्षद ने उन्हें मां-बहन की गालियां दीं और नौकरी से हटवाने की धमकी दी।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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