इंदौर में दूषित पानी से मौत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी जांच रिपोर्ट
Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत के मामले में गुरुवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले पर सख्त नाराजगी जताते हुए मध्यप्रदेश सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी। प्रशासन ने 4 लोगों की मौत की पुष्टि की जबकि खबरों के अनुसार 13 लोग मारे गए। ALSO READ: इंदौर में जहरीले पानी ने 8 जिंदगियां तो लील ली, जो जिंदा हैं उनकी सुध लो तो उपकार होगा
हाईकोर्ट ने इंदौर के इस मामले को संज्ञान में लिया है और 2 दिन में मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी को मुफ्त इलाज दिया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दूषित पानी पीने से बीमार लोगों से मिलने वर्मा नर्सिंग होम पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज अपनी अन्य व्यस्तताओं को छोड़कर इंदौर पहुंचे। डॉक्टर यादव ने दूषित पेयजल के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। ALSO READ: घबराने की जरूरी नहीं है सरकार आपके साथ, CM डॉ. यादव ने अस्पतालों में पहुंचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का हालचाल जाना
इस मामले में जांच के लिए समिति गठित की गई है। घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजा राशि देने की घोषणा की है। भागीरथपुरा मामलें में जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही प्रभारी उपयंत्री पीएचई शुभम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।
edited by : Nrapendra Gupta
