सम्बंधित जानकारी
- Top News: पेट्रोल-डीजल के दाम में लगी आग, नौतपा शुरू; पीएम मोदी को लेकर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
- डोनाल्ड ट्रंप बोले- मुझे भारत पसंद, प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा फैन, अमेरिकी राजदूत को आया सरप्राइज कॉल
- Hormuz को लेकर जल्द आ सकती है खुशखबरी, भारत में Marco Rubio का बड़ा बयान
- क्या डोनाल्ड ट्रंप नहीं करेंगे ईरान पर हमला, Hormuz पर किसका कंट्रोल, तय हुआ शांति समझौता
- कौन था White House में फायरिंग करने वाला शख्स और हमले के पीछे क्या था उसका मकसद, कैसे हुई पूरी घटना, कहां थे Donald Trump
Donald Trump : क्या ईरान से समझौता कर पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, बराक ओबामा को क्यों किया याद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि वह ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक हैं और उम्मीद करते हैं कि यह समझौता 'बेहतरीन और सार्थक' साबित होगा। हालांकि उन्होंने साफ संकेत दिए कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तों पर सहमत नहीं होता है तो कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा। उन्होंने वर्ष 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) को 'तेहरान के लिए परमाणु हथियार बनाने का खुला रास्ता' बताया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान के साथ समझौता या तो बहुत शानदार और सार्थक होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा। यह ओबामा प्रशासन द्वारा किए गए JCPOA जैसे विनाशकारी समझौते के बिल्कुल उलट होगा। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी तीखा हमला बोला और उन्हें डमोक्रेट्स, RINOS और फूल्स कहकर संबोधित किया। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स लगातार गलत नीतियों और खराब उम्मीदवारों का समर्थन करते रहे हैं तथा देश में केवल विभाजन और नुकसान पैदा कर रहे हैं।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद अब युद्धविराम और शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है, जबकि अमेरिका का आरोप है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। वहीं इजरायल ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का समर्थन किया है और ईरान से अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को छोड़ने की मांग की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और दोनों देशों के बीच युद्धविराम को दो महीने तक बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने और अमेरिका में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को बहाल करने का रास्ता साफ हो सकता है। अब इंतजार है कि दोनों देशों के बीच बातचीत कब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती है। Edited by : Sudhir Sharma
