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Last Updated : गुरुवार, 19 मार्च 2026 (16:28 IST)

पीड़ितों से मिले सीएम, बेटे ने कहा फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटे लेट पहुंची, सीएम यादव ने दिया ये जवाब

Indore Fire Tragedy
सीएम डॉ. मोहन यादव गुरुवार दोपहर को इंदौर पहुंचें। उन्‍होंने यहां अग्निकांड के पीड़ितों से मुलाकात की। यह मुलाकात जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह में हुई। सीएम ने परिवार को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने कई सवाल उठाए।

उन्‍होंने फायर ब्रिगेड पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्‍होंने सीएम से कहा कि गाड़ी की चार्जिंग के कारण नहीं बिजली पोल पर हुए सर्किट के कारण घर में आग लगी। पहले कार जली, फिर भीतर खड़ी बाईक में आग लगी।
फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटा लेट आई : सौरभ ने कहा फायर ब्रिगेड समय पर नहीं आई। एक से डेढ़ घंटा लेट आई। यदि समय पर आ जाती तो कुछ लोगों की जान बच जाती। टैंकरों में पानी नहीं था। एक टैंकर चालक दूसरी गली में घुस गया। उनके पास सीढ़ी भी नहीं थी। सीएम ने परिवार से मिलने के बाद मीडिया से चर्चा में कहा घर अंदर से दरवाजे जाम हो जाना बहुत दुखद है। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करेंगे। सीएम ने कहा ईवी चार्जिंग सिस्टम और घरों में लगने वाले इलेक्ट्रिक लॉक को कैसे सुरक्षित बनाएं ताकि गड़बड़ी होने पर इनसे बचा जा सके। इसके लिए सरकार काम कर रही है। अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया है।

आईआईटी वालों से बात करेंगे : सीएम ने कहा कि मैंने इसका वीडियो भी देखा है। भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आईआईटी सहित अन्य जगहों से चर्चा भी करेंगे। मुख्यमंत्री करीब बीस मिनट धर्मशाला में रुके। इसके बाद इस्कॉन मंदिर में होने वाले आयोजन में शामिल हुए।

हादसा जिसने इंदौर को हिला दिया : बता दें कि हादसे में बुधवार को तीन बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। बुधवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता परिवार के बचे हुए सदस्यों से मिलने पहुंचे।

अग्निकाड में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, साले की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका, नाती कार्तिक, राशि और तनय की मौत हो गई थी। इस हादसे में मनेाज की पत्नी सुनीता, दो बेटे सौरभ व बाबू बच निकलकर बाहर आ गए थे। हादसे के वक्‍त लोगों ने मदद की नाकाम कोशिशें की। क्‍योंकि घर आग की भट्टी बन चुका था। इस पर डिजिटल लॉक जाली से कवर की गई बालकनी में मदद नहीं पहुंच सकी।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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