किचन प्लान करें ऐसे
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सच में नीलम के हाथ का बना खाना खाकर सब उसकी वाहवाही भी करते थे। लेकिन नीलम तो जैसे मन मार कर ही रह गयी थी। इतना छोटा किचन? अपने घर में तो पूरा कमरेनुमा किचन था। खुली-खुली जगह पर काम करने में भी मजा आता था, लेकिन इस छोटी सी जगह में आखिर काम करे तो कैसे?
उस पर कभी मिक्सी लगानी पड़ जाए तो पहले दस सामान किनारे करना। अब तो वह किचन में जाने के नाम से भी कतराने लगी है और मेहमानों के नाम से ही माथे पर पसीना आ जाता है।
यह परेशानी अकेली नीलम की नहीं बल्कि बड़े शहरों में रहने वाली अधिकतर ग्रहणियों की है। बढ़ती आबादी के चलते घरों का आकार छोटा होता जा रहा है। ऐसे में रसोई घर भी अमूमन छोटा ही रहता है। उसी सीमित जगह में उनको अपने दिन का अधिकतर समय गुजारना होता है।
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किचन प्लान करते वक्त यह ध्यान रखें :-
1. कितने व्यक्ति किचन का इस्तेमाल करते हैं, उनकी जरूरतें क्या हैं।
2. आपके घर में कितने नौकर हैं? क्या वे पूरे दिन रहते हैं या फिर कुछ घंटे काम पर आते हैं। किचन में उनका क्या काम होता है।
3. आपको खाना बनाने के लिए कितनी जगह चाहिए, इलेक्ट्रिक उपकरण कौन-कौन से होंगे व कहाँ रखे जाएँगे। पॉवर पॉइंट की स्थिति। यहाँ तक कि आपके यहाँ खाना बनाने वाला व्यक्ति उल्टे हाथ से काम करने वाला तो नहीं है।
4. उस जगह का भी हिसाब लगाइए, जहाँ आप खाने का सामान, बर्तन या कोई रैक रखेंगी। किचन में बनने वाली ड्रॉअर और अलमारी का भी नक्शा बनाइए।
