आसान टिप्स वास्तु के
ND
NDप्रवेश द्वार दो पल्लों में हो तो बहुत ही उत्तम है।
प्रवेश द्वार स्वतः ही खुलने व बंद होना नहीं चाहिए।
मुख्य द्वार के सम्मुख सीढ़ी, खम्भा, कीचड़ तथा मंन्दिर आदि नहीं होने चाहिए।
यदि बहुमंजिली इमारत है तो भूखंड पर पश्चिमी अथवा उत्तर दिशा की ओर अतिथि कक्ष का निर्माण उचित रहता है।
