1918 में लोधीपुरा में शुरू हुआ स्काउट अभियान

इंदौर नगर में ही नहीं संपूर्ण होलकर राज्य में के सूत्रपात का श्रेय रायरत्न श्री बी.जी. बारपुते को है। आपने मद्रास में स्काउट का विशेष प्रशिक्षण पाकर में इंदौर के लोधीपुरा में एक की स्थापना की।

बहुत कम समय में ही स्काउट अभियान लोकप्रिय गतिविधि के रूप में परिणित हो गया। इस अभियान से ही प्रभावित होकर महाराजा शिवाजीराव हाईस्कूल के अंगरेज प्रधान अध्यापक मिस्टर सी. डॉन्सन ने भी अपने विद्यालय में 1918 में ही एक स्काउट दल गठित किया। श्री बारपुते की निष्ठा व लगन से प्रभावित होकर महाराजा तुकोजीराव होलकर ने 1921 में उन्हें संपूर्ण होलकर राज्य में स्काउट अभियान चलाने के लिए संयोजन-आयुक्त के पद पर मनोनीत किया।
उसी वर्ष इंदौर के 24 स्काउटों को लेकर उन्हें इलाहाबाद में संपन्न हुई अखिल भारतीय स्काउट रैली में भाग लेने हेतु भेजा गया। उस रैली में स्काउट अभियान के पितृतपुरुष मेजर जनरल सर रॉबर्ट बडेन पॉवेल स्वयं पधारे थे। उन्होंने इंदौर के स्काउट दल का निरीक्षण करने के बाद हार्दिक प्रसन्नता प्रकट करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी थीं।
1922 में श्री अरुन्डेल होलकर राज्य के शिक्षा आयुक्त बनाए गए। उनकी रुचि व महाराजा के प्रोत्साहन के कारण स्काउट, राज्य में एक इकाई के रूप में कायम हो गया और उसे 'होलकर स्टेट स्काउट' के नाम से जाना जाने लगा।

1924 में महाराजा शिवाजीराव हाईस्कूल के 40 छात्रों ने श्री बारपुते के नेतृत्व में 'भीष्म दल' का निर्माण किया। इस ने इंदौर नगर में आयोजित होने वाले मेलों, प्रदर्शनियों व अन्य सार्वजनिक उत्सवों पर नागरिकों की सेवाएं की
थीं। उसी वर्ष नगर में तीन अवसरों पर अग्निकांड हुए जिनमें स्काउट के कार्यों की बहुत सराहना की गई थी। उसी वर्ष श्री बारपुते को शुक्लातीर्थ में आयोजित 'स्काउट एजुकेशन कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लेने के लिए भेजा गया। उन्होंने बड़ौदा तथा मंडला में चल रहे अभियानों का भी अवलोकन किया।

होलकर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एफ.जी. पीयर्स को 1925 में होलकर राज्य का शिक्षा आयुक्त बनाया गया। उनकी स्काउट गतिविधियों में बहुत रुचि थी। उन्हीं के प्रयासों से इंदौर नगर में स्काउट मुख्यालय स्थापित करने हेतु स्नेहलतागंज में एक भूखंड राज्य द्वारा प्रदान किया गया गया।
1926 में होलकर राज्य के शिक्षा आयुक्त का पद श्री ह्युडकॉपर को सौंपा गया। उन्होंने नगर में स्थानीय होलकर स्टेट स्काउट एसोसिएशन की स्थापना की तथा नगर के सम्मानित नागरिकों को उसका अधिकारी बनाया। उन दिनों महाराजा होलकर स्वयं स्काउट अभियान के संरक्षक तथा रायबहादुर एस.एम. बाफना राज्य के मुख्य स्काउट थे। इंदौर नगर में ही उस समय 574 स्काउट 'कब्स' थे।
स्काउट की भांति ही छात्राओं में परोपकार की भावना विकसित करने हेतु इंदौर नगर में 1926 से 'गर्ल्स आंदोलन' प्रारंभ किया गया। प्रथम वर्ष में ही इस दल में 25 छात्राओं ने प्रवेश लिया। इस आंदोलन का सूत्रपात व प्रारंभिक नेतृत्व चंद्रावती महिला विद्यालय की प्रधान अध्यापिका कुमारी निरोमल हाजरा ने किया।



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