मम्मी-मम्मी' रवि दौड़ता हुआ आया और मम्मी के गले में बाहें डालकर झूलता हुआ कहने लगा- 'पता है आज हमने स्कूल में ढेर सारी मोमबत्तियाँ जलाईं। वो है ना हमारी मैम कह रही थीं- बंबई के दंगों में जो बेकसूर लोग मारे गए हैं उनकी याद में हमें मोमबत्ती जलाना चाहिए।' रवि ने बहुत ही भावुक होकर कहा व साथ में बाल सुलभ जिज्ञासा से पूछ भी लिया- "ये दंगे क्या होते हैं मम्मी? इसमें लोग मारे क्यों जाते हैं?
'अरे हाँ, कल हमारे क्लब में भी तो पेपर वाले आए थे। हमने भी तो ढेर सारी मोमबत्तियाँ जलाई थीं। देखूँ जरा, आज का पेपर तो ला। मेरा भी फोटो पेपर में आया होगा।' रवि की जिज्ञासा शांत किए बिना ही मम्मी ड्राइंग रूम में पेपर ढूँढने चली गई।