Poem | हम-तुम दोनों इतने पास
राजेन्द्रकुमार कनौजिया
दीपक-छाया
नदी-किनारा
धुँध-धुआँ
धरती-आकाश
जगत-तलहटी
चौखट-आँगन
हम-तुम दोनों
इतने दूर
हम-तुम दोनों
इतने पास।
ND
नदी-किनारा
धुँध-धुआँ
धरती-आकाश
जगत-तलहटी
चौखट-आँगन
हम-तुम दोनों
इतने दूर
हम-तुम दोनों
इतने पास।
