सूचना बरस रही है
-विनोद कुमार श्रीवास्तव
सूचना बरस रही है आँधी तूफान और बारिश की तरहरोशनी इतनीकि आँखें बंद हो जाएँअब नहीं बच रहे जीवन में कोई रहस्यकितना भयानक हैसब कुछ जान लेनाकि हत्यारे आते कहाँ से हैंऔर फिर जाते कहाँ हैंकि कितनी कम जगह बच रही
इस दुनिया में जीवन के लिए कि उस जीवन मेंकितनी कम जगह बची है विश्वास के लिए तो क्या हम चुप हो जाएँचुप जैसे भयानक । साभार : पहल