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Written By WD

फूल पत्थर पर खिलाकर देखिए

रोहित जैन

रोहित जैन
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फूल पत्थर पर खिलाकर देखिए
बूँद में सागर छिपाकर देखिए

कितना आसाँ है जहाँ को कोसना
ख़ुद से ख़ुद को ही लड़ाकर देखिए

हाथ ही अब तक मिलाते तुम रहे
दिल से अब दिल को मिलाकर देखिए

कितने खुश हो मुज़लिमों को लूटकर
अपनी दुनिया को लुटाकर देखिए

आप जो औरों से कहते हैं करो
आप भी इक मर्तबा कर देखिए

इस जहाँ से आप करते हैं सवाल
अपना ईमान भी जगाकर देखिए

आज तक सब की दुआ लेते रहे
आप भी कोई दुआ कर देखिए

कब तलक ओढ़े रहोगे चाँदनी
थोड़ी कालिख भी लगाकर देखिए

पास जब तेरे तेरी माँ की दुआ
तो ख़ुदा को आज़माकर देखिए

बस करो रोना ये हर इक बात पर
दर्द को अपनी दवा कर देखिए

फ़ैसला ये वक़्त कर देगा मियाँ
मत इसे यूँ मुँह चुराकर देखिए

NDND
वो ख़ुदा सुन लेगा तेरी भी दुआ
हाथ बस दिल से उठाकर देखिए

आँसुओं का मोल मोती है जनाब
आप दो बूँदें गिराकर देखिए

अब तलक समझा मुक़द्दर को ख़ुदा
अब तो ‘रोहित’ ख़ूँ जलाकर देखिए
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WD