1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. काव्य-संसार
Written By गायत्री शर्मा

नव वर्ष की नव प्रभात

नववर्ष
NDND
नववर्ष का नव उल्लास

नवल गीत है नवल राग

क्यों न झूमें अब हम सारे

गम की काली रात भुला दें।

स्वागत को नववर्ष की

कर लो अब तैयारी

द्वार पर बधाइयों की

देखो पाती आई।

आज झूमने लगा है मन

खिले बाग में नए सुमन

जीवन राग पंछियों ने गाया

सबको जगाने सूरज आया।

नवसृजन का रचें आज

हम एक नया इतिहास।

गम की बीती बात भुलाकर

आओ सीखें करना प्यार।

जब बँधेगी मुट्ठी हमारी

तब झुकेगी दुनिया सारी।

जीतेंगे हम हारी बाजी

आओ मंगल गीत गाएँ

नववर्ष को यादगार बनाएँ।
लेखक के बारे में
गायत्री शर्मा