नन्ही चिड़िया ने...
-संध्या व्यास
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सिल-सिल पत्ते
जोड़-जोड़ तिनके
बनाया घरौंदा
नाजुक-सी इक बेल पर
नन्ही चिड़िया ने।
पहला, दूसरा और फिर तीसरा
अंडा मोतिया
उत्साह अपार
भर आस संसार
सिल-सिल पत्ते
जोड़-जोड़ तिनके
बनाया घरौंदा
नाजुक-सी इक बेल पर
नन्ही चिड़िया ने।
पहला, दूसरा और फिर तीसरा
अंडा मोतिया
उत्साह अपार
भर आस संसार
चहकती चिड़िया का
हवा के साथ झूलता
मेघ बूंदों से खेलता
महफूज घरौंदा
फूदकती चिड़िया का।
पहला, दूसरा और फिर तीसरा
चूजा मखमली
उमड़ता स्नेह
भरपूर गेह
बित्ती भर चिड़िया का।
उड़ना सिखाती
उड़ा ले जाती
पहला, दूसरा और फिर तीसरा
बच्चा
रग-रग में विश्वास
उन्मुक्त आकाश
फूल-सी चिड़िया का।
पीछे घौंसला वीरान
आगे खुला आसमान
खाली चोंच
वीतरागी सोच
फकीरी अंदाज
अदना-सी चिड़िया का।
