मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026
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Written By WD

तेरे ही नाम से

- पंकज त्रिवेदी

कविता
ND
दिल है तो धड़कता है तेरे ही नाम से,
कहूँ क्या ये लगन हैं तेरे ही नाम से।

तू कौन, मैं हूँ कौन, हम क्यूँ फ़िक्र करें?
भरोसा सिर्फ हमें यहाँ तेरे ही नाम से।

न चार दिन की जिंदगी, न सदियाँ यहाँ है,
जीना है यहाँ हमें तो सिर्फ तेरे ही नाम से।

तू है या नहीं भी तो बात क्यूँ करें हम?
लोग हैं कहेंगे, मगर हूँ मैं तेरे ही नाम से।