1. लाइफ स्‍टाइल
  2. »
  3. साहित्य
  4. »
  5. काव्य-संसार
  6. चंचल हैं पहाड़ के बादल
Written By WD

चंचल हैं पहाड़ के बादल

काव्य-संसार

चंचल बादल
सुदर्शन वशिष्ठ
ND
चंचल बादल
बहुत करीब उड़ते हैं बादल

पकड़ लो चाहे उछल कर
अठखेलियाँ करते पहाड़ की गोद में

कभी कान में खुजली करते
मूँछ उखाड़ते

कभी गुदगुदाते मोटा पेट
टाँगों में लिपट जाते,

किसी बच्चे की तरह
चंचल हैं पहाड़ के बादल।
लेखक के बारे में
WD