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Written By WD

कोई आए प्यार से...

मुरलीधर चाँदनीवाला

कविता
खिल उठेगा दिल, पर लगेंगे आरजू को,
हवा का झोंका कहीं से आए तो सही।

पलक पावड़े बिछाए बैठा हूं मैं कब से,
मीत कोई द्वार पर आए तो सही।

गाने न लगूं मल्हार, ऐसा हो नहीं सकता,
बदरी कहीं आकाश में छाए तो सही।

झूम लूं, थोड़ा नाच लूं, गुनगुना लूं ,
मन को ऐसी बात कुछ भाए तो सही।

शरमा कर, सकुचा कर मान ही जाऊंगा,
कोई आए, प्यार से मनाए तो सही।

गम में कोई डूबा है तो क्या, डूबा ही रहे,
खुशी देकर उसे कोई हंसाए तो सही।

हल निकलेगा, अभी नहीं, कल सही,
दिल खोलकर जरा बताए तो सही।