आदमी वो महान है यारो
शाहिद ‘समर’
आदमी वो महान है यारो,उसकी बातों में जान है यारो।मेघ से हमने दुश्मनी कर ली,जबकि कच्चा मकान है यारो।देश जंगल, शिकार जनमन है,राजनीति मचान है यारो।बेघरों को बंटेंगे घर कैसे,बंद फाइल में प्लान है यारो।रोज बोता है वो पैसों की फसलवो गजब का किसान है यारो।तीर तरकश में कम नहीं शाहिद,किंतु टूटी कमान है यारो।