biodatamaker

हिन्दी कविता : राजा दशरथ के घर बाजे शहनाई रे

Updated: मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022 (19:05 IST)
राजा दशरथ के घर बाजे शहनाई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं
 
सब मिल के गावे बधाई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं
 
जनक दुलारी अयोध्या आई
फूल हंसे कलियां मुस्काई
मंगल गीत गाए कौशल्या माई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं
 
राजा दशरथ के घर बाजे शहनाई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं
 
कनक भवन में सजी दिवाली
सारी नारी मिल के गावे गारी
अयोध्यावासी बांटत हैं मिठाई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं
 
राजा दशरथ के घर बाजे शहनाई रे
गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाऊं।
 
लेखक के बारे में
राकेशधर द्विवेदी

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख