पोंचूजी अपनी पत्नी का जनाजा लेकर जा रहे थे, जनाजे के आगे एक कुत्ता और पीछे आदमियों की लंबी लाइन थी। एक आदमी ने आकर पूछा - भाईसाहब! यह सब कैसे हुआ? पोंचूजी - इसे इस कुत्ते ने काट लिया था। आदमी - यह कुत्ता एक दिन के लिए उधार दे दिजिए ना। पोंचूजी - पीछे लाइन में लगो।