'सद्‍गुरु सांई दर्शन'- सांई बाबा की प्रामाणिक जीवनगाथा

पुस्तक समीक्षा

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इस यात्रा में उनकी मुलाकात एक ऐसे संत से हुई, जो वेशभूषा से नाथ संप्रदाय के थे और वे उन्हें बिलकुल भी नहीं जानते थे कि वे कौन हैं? यात्रा के दौरान उन्हें उनके सांई होने का भ्रम होता रहा।

दरअसल, उस अनजान बैरागी ने यात्रा के दौरान सांई बाबा के जीवन के उन पहलुओं को उजागर किया जिसे शायद ही कोई सांई भक्त जानता हो। यह किताब के आगमन के पहले सांई कहां थे, उनका असली नाम क्या था, उन्होंने कहां-कहां की यात्रा की तथा उनके साथ कौन-कौन-सी घटनाएं घटित हुईं इस सबका खुलासा इस किताब में क्रमबद्ध तरीके से किया गया है।

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
'सद्‍गुरु सांई दर्शन'- यह उन लोगों के लिए है जिनके मन में सांई बाबा के जीवन और दर्शन को लेकर भ्रम फैला है। मूलत: कन्नड़ में इस किताब को बी.व्ही. सत्यनारायण राव (सत्य विठ्ठला) ने सांई बाबा के जीवन से जुड़े स्थान पर यात्रा के दौरान बैरागी की स्मरण गाथा के आधार पर लिखा है।



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