'शकर से मौत'..... जी हां, यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर बोला हुआ वाक्य नहीं, बल्कि बिल्कुल सच है। हाल ही में विज्ञान के एक नए शोध में यह बात सामने आई है, जिसके अनुसार शकर बेहद हानिकारक है। खास तौर से मोटे बच्चों के लिए यह बेहद हानिकारक है। जानिए शोध में और क्या सामने आया शकर के बारे में -
भारत में शकर के उपयोग बड़ी तादाद में होता है और इसके प्रयोग में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस अध्ययन में शकर का हमारा वार्षिक उपयोग अगले चार सालों में करीब 30 मिलियन टन होने का दावा किया गया है। वर्तमान में भी हम सारे विश्व में हो रहे शकर के उपयोग का लगभग 13 प्रतिशत उपयोग करते हैं। शोध के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, शकर को शरीर के लिए जहरीला बताया गया है।
आगे पढ़ें शोध के निष्कर्ष और शक्कर के नुकसान ...
अब तक शकर के कारण वजन बढ़ने या शरीर को इससे होने वाले नुकसान के मामले में किसी सही निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका था, परंतु हाल ही में सामने आए परिणाम के अनुसार शकर बहुत हानिकारक साबित हुई है।
टोरो कैलीफोर्निया और यूसी सैन फ्रेंसिस्को में 9 से 18 वर्ष की उम्र के 43 बच्चों पर किए गए एक प्रयोग में यह पाया गया कि इन सभी बच्चों में कोई न कोई मैटाबॉलिक डिसॉर्डर पहले से मौजूद था जैसे डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर या हार्ट डिसीज।
बच्चों को वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी से भरपूर खाना दिया गया जिसमें से शुगर को हटा दिया गया। प्रयोगकर्ताओं ने खाने में सिर्फ 10 प्रतिशत शुगर रहने दी। हर दिन इन बच्चों के वजन को तोला गया। इस प्रक्रिया के पीछे बच्चों के वजन पर नजर रखना था जिसमें आए अंतर को नोट किया जाना था।
दस दिन के बाद, बच्चों के वजन में जबरदस्त अंतर आया। उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार दर्ज किया गया। उनका ब्लडप्रेशर सही हो गया था, उनके शरीर में शर्करा का स्तर आधा तक घट चुका था एवं उनके शरीर में कम इंसुलिन बन रही थी। उनके शरीर में बेड कोलेस्ट्राल और ट्राई ग्लिसेराइड्स नीचे गिर चुके थे और उनके लीवर में बहुत वसा था।
इससे पूरी तरह साबित होता है कि जंक फूड में मौजूद सिर्फ वसा या तेल ही नुकसानदायक नहीं होता बल्कि इनमें पाई जाने वाली शर्करा भी सही मायनों में आपकी दुश्मन है। इस प्रयोग से यह भी साबित हुआ कि शुगर, लीवर में जाकर वसा में बदल जाती है और इंसुलिन को दूर रखने की क्षमता पर प्रभाव डालती है। इस तरह साबित होता है कि शुगर वजन बढ़ाने के अलावा भी बहुत अधिक नुकसानदायक है।
शोध निष्कर्ष व शक्कर के नुकसान .....
हालांकि इस प्रयोग पर पूरी तरह से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। क्योंकि यह शोध बच्चों की बहुत कम संख्या को लेकर किया गया था। इस आधार पर, शकर के बड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव के विषय में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
यह आपके शरीर के आंतरिक अंगों को मोटा कर देती है: इसके कारण आपका लीवर अधिक वसा संग्रहण करने लगता है। एक समय के बाद, लीवर के आसपास वसा जमने लगता है। यह नॉन-अल्कोहल फैटी लीवर डिसीज की तरफ पहला कदम होता है।
शुगर से आपके दिल पर प्रहार होता है : दिल की बीमारियां और डायबिटीज में गहरा संबंध होता है। क्या आपको पता है कि दिल की बीमारियां और स्ट्रोक डायबिटीज टाइप 2 के मरीजों में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं। इनके कारण करीब 65 प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती है।
शकर से डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है : कृत्रिम शर्करा से शरीर में पहुंचने वाली 150 कैलोरी की वजह से आपको डायबिटीज होने का खतरा हर बार एक प्रतिशत बढ़ जाता है। शर्करा का बढ़ना, आपके रक्त में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे रक्त के प्रवाह में मुश्किल पैदा होती है। इस तरह की स्थिति में हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।