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नॉर्वे की युवराज्ञी अस्पताल में और बेटा जेल में

Norway Crown Princess Mette-Marit
Norway-Crown Princes: विधि का विधान भी कई बार कितना विचित्र होता है! नॉर्वे की 52 वर्षीय युवराज्ञी (क्राउन प्रिंसेस) मेत्ते-मारित, 2018 से ही फेफड़ों की एक असाध्य बीमारी से जूझ रही थीं। एक लंबी प्रतीक्षा के बाद, 17 जून को प्रतिरोपित एक नए फेफड़े के साथ अब वे अस्पताल में हैं। युवराज हाकोन मग्नुस के साथ उनके विवाह से पहले का 29 साल का उनका एक बेटा भी है— मारियुस बोर्ग ह्यिबी। बलात्कार के दो गंभीर मामलों के कारण, अदालत ने उसे 4 साल की सज़ा काटने के लिए इन्हीं दिनों जेल भेज दिया है! 
 
युवराज्ञी मेत्ते-मारित की मुश्किल घड़ी आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2018 में शुरू हुई थी। उस समय, नॉर्वे के राजमहल ने घोषणा की थी कि वे फेफड़ों के "क्रॉनिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस" रोग से पीड़ित हैं—यह फेफड़ों में होने वाली एक जानलेवा असाध्य बीमारी है। डॉक्टरों ने इस बीमारी का पता शुरुआती दौर में ही लगा लिया था। मेत्ते-मारित ने उस समय घोषणा की कि जब तक संभव होगा, वे अपने राजकीय दायित्व निभाती रहेंगी। ALSO READ: नॉर्वे का राजपरिवार चिंताग्रस्त क्यों है?

बीमारी बढ़ती ही गई

समय के साथ बीमारी का असर बढ़ता ही गया। मेत्ते-मारित को बार-बार अपने कार्यक्रम रद्द करने पड़े—चाहे वे अपने पति हाकोन के साथ रही हों या अकेले—सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना कम करना और लंबे समय तक आराम करना पड़ा। 
 
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से इतर, 2019 में यौन शोषण के लिए बदनाम हो गए अमेरिकी बैंकर जेफरी एपस्टीन के साथ मेत्ते-मारित का ईमेल से वर्षों तक चला करीबी संपर्क भी था। मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि 2011 और 2013 के बीच वह कई बार इस अमेरिकी अरबपति से मिली भी थीं। हंगामा होने पर, एक सार्वजनिक बयान जारी कर उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने व्यवहार में हुई ग़लतियों को स्वीकार किया। समय के साथ यह बहस भले ही धीमी पड़ती गई, मेत्ते-मारित का स्वास्थ्य भी बिगड़ता ही गया। दैनिक जीवन हर दिन के साथ दुष्कर होने लगा।
 
2023 की शरद ऋतु में, मेत्ते-मारित कुछ समय के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर हो गईं; बीमारी के कारण उन्हें लंबे समय तक आराम करना पड़ा। अक्टूबर 2024 में उन्हें कहना पड़ा कि वे बीमारी के कारण छुट्टी पर हैं। राजमहल ने बताया कि फेफड़े वाली बीमारी के इलाज़ के लिए लेनी पड़ रही दवाओं के "साइड इफ़ेक्ट" से ऐसा हो रहा है। ALSO READ: नॉर्वे के राजघराने में भूचाल: शाही परिवार के सदस्य पर पहली बार मुकदमा

बेटे के शर्मनाक कारनामे

इसी दौरान, बेटे मारियुस बोर्ग ह्यिबी के कारनामों के कारण शाही परिवार पर सार्वजनिक दबाव काफी बढ़ गया। अगस्त 2024 में, मारियुस को राजधानी ओस्लो में एक युवा महिला के फ्लैट में हुई बहस और मार-पीट के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया—उस के साथ मारियुस के अंतरंग संबंध थे।
 
मेत्ते-मारित के लिए केवल उनका बेटा ही चिंता का कारण नहीं था: मार्च 2025 में, राजमहल ने घोषणा की कि उनकी बीमारी बढ़ गई है— प्रतिदिन ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, जिनके कारण अपने औपचारिक दायित्व निभाना उनके लिए कठिन होता जा रहा है। सितंबर 2025 में, उन्हें अमेरिका की अपनी तय यात्रा रद्द करनी पड़ी। यात्रा के बदले, फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार लाने का कई सप्ताहों तक चलने वाला इलाज करवाना पड़ा।
 
कुछ ही समय बाद, परेशान करने वाली एक और ख़बर आई— जाँच से पता चला कि मेत्ते-मारित का स्वास्थ्य वास्तव में काफ़ी बिगड़ गया है। अतः डॉक्टरों ने फेफड़े के प्रतिरोपण (ट्रांसप्लांटेशन) की तैयारी शुरू कर दी। 2025 के अंत में, मेत्ते-मारित ने पहली बार इस मामले पर खुलकर बात की। लंबे समय तक वे यही मानती और आशा करती रहीं कि दवा से ही बीमारी को काबू में रखा जा सकता है।

एपस्टीन से जुड़े मामलों से सुर्खियों में

2026 के आरंभ में मेत्ते-मारित, जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले को लेकर फिर से सुर्खियों में आ गईं। हाल ही में जारी दस्तावेज़ों से पता चला कि एपस्टीन से उनके संपर्क पहले की जानकारी की अपेक्षा कहीं ज़्यादा रहे होंगे। उन्होंने एक बार फिर माफ़ी मांगी। अपनी ग़लतियां स्वीकार कीं और कहा कि उस समय उन्होंने स्थिति का ग़लत आकलन किया था।
 
उन्हीं दिनों, उनके उद्दंड बेटे मारियुस बोर्ग ह्यिबी के आपराधिक कारनामों की मुख्य अदालती सुनवाई— राजधानी ओस्लो में कड़ी सुरक्षा के बीच—3 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चली। आरोपों और गवाहों के बयानों ने मीडिया का खूब ध्यान खींचा। राजपरिवार के लिए यह सब शर्म से डूब मरने जैसा था।

साँस के लिए नाक में लगी नली

2026 का वसंत आने तक मेत्ते-मारित की बीमारी की गंभीरता बहुत चिंताजनक बन गई थी। बहुत ही महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रमों के समय वे "पोर्टेबल ऑक्सीजन यूनिट" इस्तेमाल करने लगी थीं। नाक में लगी एक नली से उन्हें हवा मिलती थी। जून 2026 आते ही उनकी बेटी इंग्रिद अलेक्सांद्रा अपनी माँ का साथ देने के लिए ऑस्ट्रेलिया में अपनी पढ़ाई छोड़कर वापस आ गईं। पति युवराज हाकोन ने भी अपनी दिनचर्या में बदलाव किये और कई कार्यक्रमों को रद्द कर दिया।
 
5 जून को दो डॉक्टरों ने घोषणा की कि मेत्ते-मारित के बीमार फेफड़े हटाकर उनकी जगह किसी अंगदाता से मिले फेफड़े प्रतिरोपित करने के लिए लिए उन्हें एक प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। 17 जून को यह प्रतिरोपण हो भी गया। एक नए फेफड़े के साथ अब वे अस्पताल में हैं।

29 वर्षीय बेटे को मिली 4 साल जेल की सज़ा

नए फेफड़े के प्रतिरोपण से दो ही दिन पहले, 15 जून 2026 को, ओस्लो के एक जज ने मेत्ते-मारित के बेटे मारियुस के ख़िलाफ़ चल रहे मुकदमे पर फ़ैसला सुनाया। 29 वर्षीय मारियुस को 40 में से 34 आरोपों में— जिनमें बलात्कार के दो मामले भी शामिल थे— दोषी पाया गया और चार साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।
 
मरियुस बहुत तुनुकमिजाज़ी, झगड़ालू और हिंसक स्वभाव का युवक है। उस पर लगे आरोपों की लंबी सूची में हैः यौन-संबंध सहित चार मामलों में बलात्कार के अलावा घरेलू हिंसा, मार-पीट, चीखना-चिल्लाना, पराई संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, मादक पदार्थों से संबंधित अपराध और यातायात नियमों का उल्लंघन। कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और उनकी जानकारी या सहमति के बिना उनका वीडियो बनाने के भी आरोप हैं। सुनवाई में मारियुस ने सबसे गंभीर आरोपों वाले अपराधों से इनकार किया।

बलात्कार, हिंसा और मार-पीट के लगे आरोप

अपने साथ बलात्कार का आरोप लगाने वाली 29 वर्षीया "इन्फ्लुएंसर" नोरा हाउकलांद ने मारियुस पर हिंसा और मार-पीट करने का भी आरोप लगाया है। दोनों कुछ समय तक बिना विवाह के एकसाथ रह चुके हैं। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में नोरा का कहना है कि "ट्रॉमा (गहरा मानसिक सदमा) आसानी से नहीं जाता। आज भी, जब वह दरवाज़े के ज़ोर से बंद होने, किसी पुरुष के ज़ोर-ज़ोर से पैर पटकने या मोटरसाइकिल की ऊँची आवाज़ सुनती हैं, तो उसकी धड़कनें बढ़ जाती हैं।" अभियोग पत्र में कहा गया है कि मारियुस की हिंसा के भुक्तभोगी ऐसी स्थिति में थे, जिसमें वे "नींद और/या नशे की हालत" के कारण अपना बचाव करने में पूर्णतः असमर्थ थे।
 
उल्लेखनीय है कि युवराज्ञी मेत्ते-मारित का यह बिगड़ैल बेटा, उनके पति युवराज हाकोन माग्नुस के साथ उनके विवाह से पहले, 13 जनवरी 1997 को पैदा हुआ था। उसके असली पिता का नाम मोर्थन बोर्ग है। मेत्ते-मारित और युवराज हाकोन का अपसी परिचय 1999 में एक संगीत महोत्सव के समय हुआ था। विवाह हुआ 25, अगस्त 2001 को। यानी, मारियुस का जन्म दोनों के विवाह से चार साल पहले ही हो गया था। इसलिए, वह नॉर्वे के राजपरिवार का आधिकारिक सदस्य नहीं है। शायद इस कारण भी वह विद्रोही बन गया है— अपनी माँ सहित राजपरिवार की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिलाने पर उतारू है।
लेखक के बारे में
राम यादव
राम यादव डायचे वेले हिन्दी (जर्मनी) के पूर्व प्रमुख हैं। देश-विदेश की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम पर इनकी अच्छी पकड़ है। आधी सदी से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता एवं लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। .... और पढ़ें
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