मधुमेह के लिए फायदेमंद, चावल की 3 किस्में
अगर आप मधुमेह के रोगी हैं, तो आपके लिए भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान का यह महत्वपूर्ण शोध मददगार साबित हो सकता है। हाल ही में इस संस्थान द्वारा चावल की किस्मों पर अध्ययन किया गया और चावल की उन तीन किस्मों के बारे में बताया गया जिनमें चावल अन्य किस्मों की अपेक्षा ग्लिसेमिक सूचकांक काफी कम है। चावल की यह कम ग्लिसेमिक सूचकांक वाली किस्में, मधुमेह रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
दरअसल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तत्वाधान में तेलंगाना के हैदराबाद स्थित भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआईआरआर) ने मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद कम ग्लिसेमिक सूचकांक वाले तीन चावल की किस्मों की पहचान की है।
आईआईआरआर के निदेशक डॉ. रवीन्द्र बाबू के मुताबिक चावल की तीन किस्में लालत जीआई-53.17, बीपीटी 5204 जीआई-51.42 और संपदा जीआई-51 की पहचान की गई है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण साबित होगा। चावल की अन्य किस्मों में ग्लिसेमिक सूचकांक की मात्रा कम या 55 के बराबर के रहने को मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर माना जाता है। इसके अलावा सामान्यत: चावल की अन्य किस्मों में ग्लिसेमिक सूचकांक इतना कम नहीं होता जो कि मधुमेह रोगियों के लिए नुकसानदायक है।
अध्ययन में पाई गई चावल की इन तीनों किस्मों को औद्योगिक कंपनियों के सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा जो कि आगामी 5 दिसंबर को आयोजित होगा। सम्मेलन में हजारों व्यापारियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें मधुमेह से जुड़े विभिन्न बीजों के व्यवसायीकरण पर चर्चा की जाएगी। (वार्ता)