गला खराब होने पर गरारे करते हैं? तो रखें 5 बातों का ध्यान

मौसम बदलने पर गले में खराश या आवाज बैठ जाने की शिकायत सुनने में आती है। यानि गले में दर्द होना या खुजली जैसा होना, गले में जम जाना और गले की आवाज बदल जाना।
गला खराब होने पर के गरारे से काफी मदद मिलती है। नमक का सांद्र घोल गले की परत पर चढ़ाई किए हुए कई रोगाणुओं के लिए काफी खतरनाक है। इसके प्रभाव से रोगाणु मर भी जाते हैं।

कफ जमा हो तो यह गाढ़े कफ को पतला कर काफी मात्रा में ठोस पदार्थों को गले से बाहर निकालने में मदद करता है, इसलिए नमक के घोल से गरारे करने को कहा जाता है। लेकिन गरारे करते वक्त इन बातों का ध्यान रखना चाहिए -

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सहन कर सकने योग्य एक गिलास गरम पानी में एक चम्मच नमक डालकर इस पानी से गरारे करना चाहिए।

2 फिटकरी का एक बारीक सा टुकड़ा भी इस पानी में डालकर गरारे करने पर आराम मिलता है।

3 नमक के साथ या तो खाने का सोडा दो चुटकी मिलाकर गरारे करने से भी आराम मिलता है।
4 नमक के साथ गरम पानी में हल्दी का प्रयोग करना भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण मौजू होते हैं

5 लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि या तो फिटकरी डालें या खाने का सोडा मिलाएं यानी नमक के साथ कोई एक चीज को प्रयोग करें।

 

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