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समय के साथ कोविड नहीं होगा खत्म! - हार्वर्ड विश्वविद्यालय
कोरोना वायरस का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। और आने वाले वक्त में यह संभावना बहुत कम है कि यह खत्म हो जाएगा। बल्कि यह समय के साथ जब लोगों के शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता मजबूत होगी तो यह संक्रमण धीरे-धीरे कमजोर हो जाएंगा। और एक महामारी रह जाएगा। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रख्यात प्रतिरक्षा विज्ञानी डॉ. शिव पिल्लई ने मीडिया से चर्चा में कहा।
उन्होंने ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि यह महामारी पूरी तरह खत्म होगी, बल्कि जैसे-जैसे टीकाकरण होगा और प्राकृतिक संक्रमण के विरुद्ध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी तो हमारा शरीर मजबूत होगा और यह बीमारी कमजोर होती जाएगी। एक वक्त बाद दुनिया इसी के साथ रहना सीख लेगी। वक्त के साथ कोरोना वायरस कमजोर होता जाएगा और यह बहुत अधिक घातक नहीं होगा। जितना अब तक बना हुआ है।
टीका होगा अधिक असरदार
आने वाले वक्त में कोरोना का टीका अधिक असरदार होगा। और जल्द ही आने वाले वक्त में इससे बचाव के लिए कई सारी दवाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी।
आने वाले वक्त में कोरोना का टीका अधिक असरदार होगा। और जल्द ही आने वाले वक्त में इससे बचाव के लिए कई सारी दवाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी।
भारत में ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट खतरनाक
भारत में अभी तक कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन बीए.1 की तुलना में दूसरा सब वैरिएंट अधिक खतरनाक है। दूसरा सब वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। यह अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। पहला वैरिएंट अभी तक फेफड़ों को प्रभावित नहीं कर रहा था। लेकिन, दूसरा वैरिएंट तेजी से लंग्स को प्रभावित कर रहा है। इतना ही नहीं यह बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को अपनी चपेट में ले रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे बचाव का तरीका यह है कि कोविड अप्रोपिएड बिहेवियर का पूरा पालन करें।
भारत में अभी तक कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन बीए.1 की तुलना में दूसरा सब वैरिएंट अधिक खतरनाक है। दूसरा सब वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। यह अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। पहला वैरिएंट अभी तक फेफड़ों को प्रभावित नहीं कर रहा था। लेकिन, दूसरा वैरिएंट तेजी से लंग्स को प्रभावित कर रहा है। इतना ही नहीं यह बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को अपनी चपेट में ले रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे बचाव का तरीका यह है कि कोविड अप्रोपिएड बिहेवियर का पूरा पालन करें।
