हनुमानजी के किस मंत्र-पाठ से मिलता है क्या लाभ, जानिए

श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए।
हनुमान चालीसा को ध्यान से पढ़ने और समझने के बाद पता चलेगा कि हनुमान ही इस कलियुग के जागृत देवता हैं, जो भक्तों के सभी तरह के कष्ट को दूर करने के लिए तुरंत ही प्रसन्न हो जाते हैं। शर्त यह है कि भक्त का अपने कर्मों के प्रति सजग रहना जरूरी है। कुकर्मी का साथ तो कोई नहीं देता। हम बताते हैं कि हनुमानजी की कौन-सी साधना से किस तरह के कष्ट मिट जाते हैं। 
 
हनुमान चालीसा पढ़ते रहने से इस संकट से बचा रहता है व्यक्ति... अगले पेज पर...



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