गुजरात के अंबाजी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान दर्शन के समय में बदलाव
Ambaji Temple Gujarat: गुजरात के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी में 19 मार्च, 2026 से चैत्र नवरात्रि का मंगल प्रारंभ हो रहा है। इस धार्मिक महोत्सव को ध्यान में रखते हुए, श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और आरती की समय-सारणी में बदलाव की घोषणा की गई है। नवरात्रि के पहले दिन सुबह 7:30 बजे शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ 'घट स्थापना' की जाएगी, जिसके साथ ही इस भक्ति पर्व की औपचारिक शुरुआत होगी।
नवरात्रि के दौरान आरती और दर्शन का नया समय पत्रक
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (एकम) से अष्टमी तक भक्तों के लिए दर्शन का समय तीन चरणों में विभाजित किया गया है। प्रतिदिन सुबह 7 से 7:30 बजे तक माताजी की आरती होगी, जिसके बाद सुबह 7:30 से 11:3 बजे तक दर्शन खुले रहेंगे। दोपहर 12 बजे माताजी को राजभोग अर्पित करने के बाद 12:30 से 04:30 बजे तक पुनः दर्शन का लाभ मिलेगा। शाम को 7 से 7:30 बजे तक संध्या आरती आयोजित की जाएगी और रात 9 बजे तक मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा।
अष्टमी और पूर्णिमा के दिन विशेष आरती की व्यवस्था
नवरात्रि के विशेष दिनों में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। चैत्र शुक्ल अष्टमी (26 मार्च) और चैत्र शुक्ल पूर्णिमा (2 अप्रैल) के पवित्र दिनों पर सुबह की आरती निर्धारित समय से पहले यानी सुबह 6 बजे आयोजित की जाएगी। इस परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक माईभक्त आरती के दर्शन का लाभ ले सकें और दर्शन की व्यवस्था सुचारु बनी रहे।त्रि के पश्चात मंदिर का समय पुनः सामान्य होगा
चैत्र नवरात्रि की समाप्ति के बाद यानी 27 मार्च से मंदिर की समय-सारणी फिर से अपने नियमित स्वरूप में लागू हो जाएगी। मंदिर ट्रस्ट ने सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया है कि वे नए समय पत्रक को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का आयोजन करें। अंबाजी में नवरात्रि के दौरान हजारों की संख्या में भक्तों के उमड़ने की संभावना है, जिसके लिए सुरक्षा और सुविधाओं के सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala