गुजरात के किसानों के लिए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल का बड़ा निर्णय, नहरों में अप्रैल अंत तक चालू रहेगा पानी
Gujarat Chief Minister Bhupendra Bhai Patel: गुजरात के किसानों के हित में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जल संसाधन मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने बताया कि रबी सीजन में फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए आगामी 30 अप्रैल 2026 तक नहरों के माध्यम से सिंचाई का पानी चालू रखा जाएगा। सामान्यतः रबी सीजन के लिए फरवरी के अंत तक ही पानी दिया जाता है, लेकिन इस वर्ष की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह समय सीमा बढ़ा दी है।
बेमौसम बारिश और देरी से बुवाई के कारण लिया गया फैसला
जल संसाधन मंत्री पटेल कहा कि पिछला मानसून लंबा चला था और बेमौसम बारिश के कारण कई किसानों की खरीफ फसल बर्बाद हो गई थी। इस वजह से रबी सीजन की बुवाई में देरी हुई और फसलों की कटाई में भी विलंब होने की संभावना है। किसान नेताओं की प्रस्तुति और 11 मार्च 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठक की चर्चा के बाद, पीने के पानी के स्टॉक को सुरक्षित रखते हुए खेती के लिए अप्रैल के अंत तक पानी देने का निर्णय लिया गया है।
जमीन माप के लिए 'भूमि सीमांकन' पद्धति लागू
खेती की जमीन की माप (सर्वे) में रही खामियों को दूर करने के लिए भी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिन गांवों में जमीन की माप (प्रमोल्गेशन) पूरी हो चुकी है, लेकिन उसमें गलतियां रह गई हैं, उन्हें सुधारने के लिए अब पूरे राज्य में 'भूमि सीमांकन' नामक एक समान पद्धति लागू की जाएगी। इस निर्णय से किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके आपत्ति आवेदनों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण संभव हो सकेगा।
गुड गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के इन दोनों निर्णयों से गुजरात में 'गुड गवर्नेंस' (सुशासन) मजबूत होगा। जमीन माप की प्रक्रिया सरल होने से किसानों की वर्षों पुरानी समस्याओं का अंत होगा, वहीं सिंचाई के पानी की अवधि बढ़ाने से रबी फसल का उत्पादन बना रहेगा। सरकार के इस किसान-हितैषी दृष्टिकोण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, ऐसी आशा व्यक्त की गई है।
Edited by: Vriendra Singh Jhala