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Written By ND

ओम् शांति ओम्

पैरोडी

ओम् शांति ओम् पैरोडी
- देवेंद्र

Devendra SharmaND
मेरी उमर के नौजवानों ! ‍िपक्चर न जाना ओ दीवानों !!
मैंने टिकट ले के चैन खोया, पूँजी खोई,
झूठ तो कहते नहीं हैं, कहते नहीं है लोग कोई,
चोरी से बढ़कर नहीं है, बढ़कर नहीं है दोष कोई।
गेटअप चुरा के, स्टाइल चुरा के, बनता बड़ा न कोई,
इस रोग का नहीं है इलाज, बॉलीवुड में और कोई।

न जाओ ओम् शांति ओम् ।
भला रे होम स्वीट होम।।

अच्छा-भला एक एक्टर था जो
असुरक्षा से घिर गया रे।
बिग बी से ऊँचा उठने के चक्कर में
हाय-हाय वो गिर गया रे।।

घुसा केबीसी में, फिर डॉन बना रे
पान खा के भाव खाए
जितना घमंड में दौड़ा वो
पैर उतने डगमगाए
पिघला रे मोम
टेलैंट का मोम
शांति शांति ओम् ।
भला रे होम स्वीट होम....।।
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ND