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दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का उत्पात, 86 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने दर्ज की 22 FIR
नई दिल्ली। 3 कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टरों रैली निकाल रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर धार्मिक झंडे फहरा दिए। इस हिंसा में पुलिस के 86 जवान हो गए, जबकि ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की भी मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 22 प्राथमिकी दर्ज की और भी FIR दर्ज की जा सकती हैैै।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया था। प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के संबंध में मोर्चा के साथ दिल्ली पुलिस की कई दौर की बैठक हुई थी।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, मंगलवार को सुबह करीब 8:30 बजे छह हजार से सात हजार ट्रैक्टर सिंघू सीमा पर एकत्र हुए। पहले से निर्धारित रास्तों पर जाने के बदले उन्होंने मध्य दिल्ली की ओर जाने पर जोर दिया। बार-बार आग्रह के बावजूद निहंगों की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला किया और पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया। गाजीपुर एवं टीकरी सीमा से भी इसी तरह की घटना की खबरें हैं।
आइटीओ पर गाजीपुर एवं सिंघू सीमा से आए प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने लुटियन जोन की तरफ जाने का प्रयास किया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारियों एक वर्ग हिंसक हो गया। उन्होंने अवरोधक तोड़ दिए तथा वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा।
