biodatamaker
✕

षटतिला एकादशी के 11 नियम, व्रत से पहले जान लीजिए

Updated: गुरुवार, 27 जनवरी 2022 (10:54 IST)
Shattila Ekadashi 2022: 28 जनवरी 2022 शुक्रवार को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। षटतिला एकादशी माघ माह के कृष्ण पक्ष की ग्यारस को रहती है। षटतिला का अर्थ होता है 6 तिल। इस एकादशी में तिल को 6 तरह से उपयोग में लिया जाता है। आओ जानते हैं एकादशी के व्रत रखने के 11 खास नियम।
 
 
1. दसमी के दिन से ही षटतिला एकादशी का व्रत प्रारंभ हो जाता है, जो पारण के समय तक जारी रहता है।
 
2. स्नानादि नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सब देवताओं के देव श्री भगवान का पूजन करें और एकादशी व्रत धारण करें। 
 
3. इस व्रत में रात्रि को जागरण करना चाहिए। इंद्रियों को वश में करके काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या तथा द्वेष आदि का त्याग कर भगवान का स्मरण करना चाहिए। 
 
4. इस दिन किसी भी रूप में चावल ग्रहण नहीं किया जाता है। 
 
5. इस दिन 1. तिल स्नान, 2. तिल का उबटन, 3. तिल का हवन, 4. तिल का तर्पण, 5 तिल का भोजन और 6. तिलों का दान- ये तिल के 6 प्रकार हैं। इनके प्रयोग के कारण यह षट्तिला एकादशी कहलाती है तथा इसका बहुत पुण्य प्राप्त होता है। 
 
6. एकादशी के दिन तुलसी को जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही उसे छूना चाहिए।
 
7. इस दिन प्याज, लहसुन, मसूर की दाल, गाजर, शलजम, गोभी, पालक आदि का भी सेवन नहीं करते हैं।
 
8. इस दिन झाडू और पोछा नहीं लगाना चाहिए क्योंकि चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की हत्या का दोष लगता है।
 
9. इस दिन बाल नहीं कटवाना चाहिए।
 
10. इस दिन लकड़ी का दातुन न करें। नींबू, आम या जामुन के पत्ते चबाकर कुल्ला कर लें और अंगुली से गला साफ कर लें।
 
11. इस दिन ब्रह्मचर्य का पूर्णत: पालन करें।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Sharadi Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि में देवी विसर्जन का रहस्य, जानें 5 खास बातें

दशहरा 2026: क्या आप भी खरीद रहे हैं नया वाहन? जान लें सबसे सटीक और अबूझ मुहूर्त

दशहरा के दिन यदि आप इन 3 में से कोई एक चीज देख लेंगे तो होगा जीवन में शुभ ही शुभ

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समय

अगला लेख