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दिवाली में 13 दीपक जलाने का क्या है महत्व? जानें पहला दीया कहां रखना चाहिए

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024 (12:20 IST)
Diwali par 13 Deepak Jalane ka Dharmik Mahatva
 
Diwali 2024: दिवाली का त्यौहार रोशनी, खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इस पर्व पर 13 दीपक जलाने का विशेष महत्व माना गया है। इन दीपों को सही स्थान पर रखने से न केवल घर में सुख-समृद्धि आती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का नाश भी होता है। आइए जानते हैं दिवाली पर 13 दीपक जलाने के महत्व और इन्हें कहाँ रखना चाहिए।

दिवाली पर 13 दीपक जलाने का धार्मिक महत्व (Diwali par 13 Deepak Jalane ka Dharmik Mahatva)
दिवाली का त्यौहार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। इस अवसर पर दीप जलाकर घर को सजाने की परंपरा है, जिससे परिवार में समृद्धि, खुशहाली और शांति बनी रहती है। 13 दीपक जलाने का धार्मिक कारण है कि यह संख्या धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है।

दीप जलाने से आती है सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। 13 दीपक जलाने से पूरे घर का ऊर्जा चक्र सक्रिय होता है, जो परिवार के सभी सदस्यों के जीवन में खुशियाँ लाता है। यह दीपक ईश्वर की कृपा को हमारे जीवन में स्थायी रूप से बनाए रखते हैं।

पहला दीपक कहाँ रखें? (Pehla Deepak Kahan Rakhein?)
दिवाली पर पहला दीपक घर के मुख्य द्वार पर रखा जाना चाहिए। यह दीपक घर में लक्ष्मी जी का स्वागत करता है और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करता है। मुख्य द्वार पर दीपक रखने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की बरकत बनी रहती है।

अन्य स्थान जहाँ दीपक रखने चाहिए
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13 दीपकों का क्रम और उनका महत्व (13 Deepakon ka Kram aur Unka Mahatva)

दीपावली पर 13 दीपक जलाना विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति करता है: 
13 दीपक जलाने की यह परंपरा सिर्फ रोशनी फैलाने का कार्य नहीं करती, बल्कि यह पूरे घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है। दिवाली के दिन इस विशेष अनुष्ठान को अपनाकर अपने जीवन में समृद्धि और खुशहाली का स्वागत करें।

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