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राहुल बोले- लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति बने, डर के माहौल को खत्म करना होगा
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए रणनीति बनाने की मांग करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों के बीच से इस वायरस से जुड़ा डर का माहौल खत्म करना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के कदमों में पारदर्शिता होनी चाहिए तथा सरकार छोटे कारोबारों की तत्काल मदद करे और गरीबों एवं मजदूरों के खातों में 7500 रुपए डाले।
गांधी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहा, ‘हमें छोटे कारोबारों, मजदूरों की मदद करनी होगी। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। अगर हम अभी मदद नहीं करते हैं तो (बेरोजगारी की) सुनामी आ जाएगी।‘ उन्होंने कहा कि सरकार जो कदम उठाए उसमें पारदर्शिता होनी चाहिए।
गांधी ने कहा कि अगर हमें लॉकडाउन से बाहर निकलना है तो हमें डर खत्म करना होगा। यह बताना होगा कि कोविड-19, 99 प्रतिशत लोगों के लिए खतरनाक नहीं हैं। जिन एक फीसदी लोगों के लिए यह खतरनाक है उनकी हमें सुरक्षा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि अगर इस लड़ाई को हम पीएमओ में रखेंगे तो यह लड़ाई हारी जाएगी। प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्रियों पर और मुख्यमंत्रियों को जिला अधिकारियों पर विश्वास करना होगा।
गांधी के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि इस संकट से लड़ने के लिए विकेंद्रीकरण की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कदमों में पारदर्शिता होनी चाहिए तथा सरकार छोटे कारोबारों की तत्काल मदद करे और गरीबों एवं मजदूरों के खातों में 7500 रुपए डाले।
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उन्होंने कहा कि अगर इस लड़ाई को हम पीएमओ में रखेंगे तो यह लड़ाई हारी जाएगी। प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्रियों पर और मुख्यमंत्रियों को जिला अधिकारियों पर विश्वास करना होगा।
गांधी के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि इस संकट से लड़ने के लिए विकेंद्रीकरण की जरूरत है।
