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पीएम मोदी ने सुनाई मिरेम गांव की प्रेरक कहानी, कोरोना काल में पेश की मिसाल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश की एक ऐसी ही प्रेरक कहानी, मुझे, मीडिया में पढ़ने को मिली। यहां, सियांग जिले के मिरेम गांव ने वो अनोखा कार्य कर दिखाया, जो समूचे भारत के लिए, एक मिसाल बन गया है।
उन्होंने कहा कि इस गांव के कई लोग, बाहर रहकर, नौकरी करते हैं। गांव वालों ने देखा कि कोरोना महामारी के समय ये सभी अपने गांव की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में गांव वालों ने पहले से ही गांव के बाहर क्वारंटाइन का इंतजाम करने का फैसला किया।
उन्होंने आपस में मिलकर, गांव से कुछ ही दूरी पर 14 अस्थायी झोपड़ियाँ बना दीं और ये तय किया कि जब गांव वाले लौटकर आएंगे तो उन्हें इन्हीं झोपड़ियों में कुछ दिन क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
उन झोपड़ियों में शौचालय, बिजली-पानी समेत, दैनिक जरुरत की हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जाहिर है, मिरेम गांव के लोगों के इस सामूहिक प्रयास और जागरूकता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे कपूर, आग में तपने पर भी अपनी सुगंध नहीं छोड़ता वैसे ही अच्छे लोग आपदा में भी अपने गुण, अपना स्वभाव नहीं छोड़ते। आज, हमारे देश की जो श्रमशक्ति है, जो श्रमिक साथी हैं, वो भी इसका जीता जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि इस गांव के कई लोग, बाहर रहकर, नौकरी करते हैं। गांव वालों ने देखा कि कोरोना महामारी के समय ये सभी अपने गांव की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में गांव वालों ने पहले से ही गांव के बाहर क्वारंटाइन का इंतजाम करने का फैसला किया।
उन्होंने आपस में मिलकर, गांव से कुछ ही दूरी पर 14 अस्थायी झोपड़ियाँ बना दीं और ये तय किया कि जब गांव वाले लौटकर आएंगे तो उन्हें इन्हीं झोपड़ियों में कुछ दिन क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे कपूर, आग में तपने पर भी अपनी सुगंध नहीं छोड़ता वैसे ही अच्छे लोग आपदा में भी अपने गुण, अपना स्वभाव नहीं छोड़ते। आज, हमारे देश की जो श्रमशक्ति है, जो श्रमिक साथी हैं, वो भी इसका जीता जागता उदाहरण है।
