कोरोना मरीजों ‌के लिए बढ़ाए जाएंगे 15482 बेड, ‌भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में 15 अप्रैल तक स्कूल और कॉलेज बंद

विकास सिंह| पुनः संशोधित बुधवार, 31 मार्च 2021 (22:22 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के की दूसरी लहर की चपेट आने के बाद मरीजों की‌‌‌ संख्या में तेजी से‌ इजाफे के बाद अब सरकार ने अस्पतालों में बेड बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को सभी‌ जिलों के कलेक्टर, कमिश्नर और मेडिकल ‌कॉलेज की डीन के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के अस्पतालों ‌में 15 हजार बेड बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 15482 बेड बढ़ाए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की संख्या 20139 है, जिसे बढ़ाकर अब 35621 किया‌ जाएगा। इसमें आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू सभी तरह के बेड शामिल हैं।
भोपाल के सरकारी और निजी हॉस्पिटलों 3985 बेड वर्तमान में है जिन्हें बढ़ाकर‌ अब 6000 बेड किए जाएंगे। इसी तरह कोरोना संक्रमण से जूझ रहे इंदौर में वर्तमान में बेड की संख्या 4886 है उन्हें बढ़ाकर 10000 बेड किया जाएगा।
गौरतलब है कि 'वेबदुनिया' ने भोपाल और इंदौर के अस्पतालों में कोरोना मरीज बढ़ने के साथ बेडों की किल्लत होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। कोरोना संक्रमण के मामले में तुलनात्मक रूप से देश में मध्यप्रदेश 8वें स्थान पर है। मध्यप्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरण 17 हज़ार 96 हैं और कोरोना संक्रमण की औसत पॉजिटिविटी रेट 8.9 प्रतिशत है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने इंदौर, भोपाल, जबलपुर, खरगोन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर कुछ माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर नियंत्रण करें। बैठक में बताया गया कि इंदौर के संक्रमित रोगियों में से 90 प्रतिशत घरों में ही आइसोलेशन में हैं। अस्पतालों में पर्याप्त बेडस की व्यवस्था है। इंदौर में होम आइसोलेशन व्यवस्था कारगर सिद्ध हुई है। प्रशासन पूरी तरह सजग और सतर्क है। होम आइसोलेशन में पॉजिटिव रोगियों की देख-रेख करीब 50 चिकित्सक कर रहे हैं।
संक्रमण ‌रोकने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश-
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिन्दवाड़ा, खरगोन एवं रतलाम शहरों में 15 अप्रैल तक समस्त स्कूल-कॉलेज में शिक्षण बंद रहेगा।
- रंगपंचमी पर गेर, चल समारोह आदि नहीं होंगे।
- नियंत्रित संख्या में साप्ताहिक हाट बाजार लग सकेंगे।
- क्लब, पिकनिक स्पॉट आदि, जहाँ संक्रमण फैलने की आशंका रहती है, बंद रहेंगे।
- दुकानों के सामने गोले अनिवार्य। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर दुकानें सील भी की जा सकेंगी।
- मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना होगा।
- सरकारी दफ्तरों में भी मास्क लगाकर नहीं आने पर अधिकारी/ कर्मचारियों पर जुर्माना।
-महाराष्ट्र की सीमाएँ सील रहेंगी तथा महाराष्ट्र के लिए बसों का संचालन बंद रहेगा।
-कहीं भी कोई मेला आयोजित नहीं होगा।



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