कोरोना का पता लगाने के लिए IIT गांधीनगर ने बनाया उपकरण

Last Updated: सोमवार, 29 जून 2020 (16:43 IST)
गांधीनगर। आईआईटी, गांधीनगर के अनुसंधानकर्ताओं ने छाती के एक्स-रे से का पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एक उपकरण विकसित किया है।
यह किसी व्यक्ति के कोविड-19 से संक्रमित होने की संभावना इंगित करता है और चिकित्सीय परीक्षण से पहले त्वरित प्रारंभिक निदान के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका परीक्षण इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईआईपीएच) द्वारा किया जा रहा है।

आईआईटी के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में एमटेक के छात्र कुशपाल सिंह यादव ने कहा कि कोविड​​-19 के लिए सीमित परीक्षण सुविधाओं को देखते हुए, एक्स-रे का उपयोग कर त्वरित विश्लेषण के लिए एआई उपकरण विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय उपकरण विकसित करने के लिए सही एल्गोरिदम और आंकड़ों के संयोजन की जरूरत होती है। ऐसे स्थान पर हमारा उपकरण उपयोगी साबित होगा और नैदानिक ​​उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है और इसे व्यापक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

यादव ने कहा कि जिस मॉडल का हमने उपयोग किया, उसमें तंत्रिका नेटवर्क की 12 परतें हैं, जो मानव मस्तिष्क के न्यूरॉन के समान है। इस विधि में यह फायदा है कि एक्स-रे तस्वीरें बीमारी का पता लगा सकती है।

अमेरिका में प्रिंसटन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने हाल ही में कोरोनावायरस का पता लगाने के लिए एआई आधारित एक उपकरण तैयार किया था।

आईआईटी परियोजना की देखरेख करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर कृष्ण प्रसाद मियापुरम ने दावा किया कि यह उपकरण वैश्विक स्तर पर उपलब्ध ऐसे अन्य उच्च तकनीकी उपकरणों से बेहतर है।
उन्होंने कहा कि यह उपकरण केवल संकेत देता है और नैदानिक जांच पुष्टि करने के लिए आवश्यक है, लेकिन यह चिकित्सा बुनियादी ढांचे के मौजूदा बोझ को कम करने में मदद कर सकता है।(भाषा)



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