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जल्द आ सकती है नेजल वैक्सीन, भारत बायोटेक को मिली दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी
नई दिल्ली। भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोविड-19 के नाक से दिए जा सकने वाले पहले टीके (नेजल वैक्सीन) को दूसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के लिए नियामक की मंजूरी मिल गई है।
जैवप्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने कहा कि 18 साल से 60 साल के आयुवर्ग के समूह में पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो गया है। भारत बायोटेक का नाक से दिया जाने वाला टीका पहला नेजल टीका है जिसे दूसरे चरण के परीक्षण के लिए नियामक की मंजूरी मिल गई है।
नियामक की मंजूरी सार्स- कोव-टू टीके के दूसरे चरण की यादृच्छिक, बहु केंद्रित परीक्षण की मंजूरी दी गई है ताकि बीबीवी152 (कोवैक्सीन) की बीबीवी154 (इंट्रानेजल कोविड-19 टीका) के साथ स्वस्थ प्रतिभागियों पर सुरक्षित और रोग प्रतिरोधी आकलन किया जा सके।
यह इस तरह का पहला कोविड-19 टीका है जिसका भारत में मनुष्य पर क्लिनिकल परीक्षण होगा। यह टीका बीबीवी154 है जिसकी प्रौद्योगिकी भारत बायोटेक ने सेंट लुईस स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से प्राप्त की थी।
First Nasal Vaccine Developed by @BharatBiotech, supported by @BIRAC_2012, gets nod of regulator for Phase 2 Trial.@DrJitendraSingh @IndiaDST @MIB_India @PIB_India@PBNS_India @DDNewslive @DDIndialive @airnewsalerts
— DPO Science and Technology (@PIBDST) August 13, 2021
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डीबीटी ने कहा कि भारत बायोटेक ने जानकारी दी है कि पहले चरण के क्लिनिकल परीक्षण में स्वस्थ प्रतिभागियों को लगाई गई टीके की खुराकों को शरीर द्वारा अच्छी तरह स्वीकार किया गया है। किसी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी नहीं है। क्लिनिकल पूर्व अध्ययनों में भी टीका सुरक्षित पाया गया था। पशुओं पर हुए अध्ययन में टीका एंटीबॉडी का उच्च स्तर बनाने में सफल रहा।
