बैनर : रिलायंस बिग पिक्चर्स निर्देशक : विनय शुक्ला संगीत : मोंटी शर्मा कलाकार : श्रेयस तलपदे, कोंकणा सेन शर्मा, शहाना गोस्वामी, राइमा सेन, राजपाल यादव, बोमन ईरानी, प्रेम चोपड़ा, सौरभ शुक्ला, टिस्का चोपड़ा, इला अरुण, अरुणोदय सिंह
PR
मानव एक स्क्रिप्ट राइटर है जो अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। वह अपनी लिखी स्क्रिप्ट में कोई फेरबदल नहीं करना चाहता है, लिहाजा कोई निर्माता उसके साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है।
उसकी गर्लफ्रेंड रूचि एक सफल फिल्म एडिटर है। मानव की मुलाकात रूचि, नितिन नामक फिल्म निर्माता से करवाती है। नितिन को मानव द्वारा लिखित स्क्रिप्ट पसंद आती है, लेकिन उसका मानना है कि इस स्क्रिप्ट पर एक कमर्शियल फिल्म नहीं बनाई जा सकती है।
मानव उसे एक पंचतंत्र पर आधारित कहानी सुनाता है, जिसमें एक पति अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ लेता है। इसके बावजूद वह महिला चतुराई से अपना बचाव कर लेती है।
यह कहानी नितिन को पसंद आती है, लेकिन उसका कहना है कि कहानी फिल्म बनाने के लिए यह बहुत छोटी है। मानव उसे इसी तरह की तीन और कहानियाँ सुनाता है। इस तरह से पंचतंत्र की ये कहानियाँ अलग-अलग कालखण्डों में वह दर्शाता है और चारों कहानियों को आपस में गूँथ देता है।
इन सभी कहानियों का संदेश एक ही है कि यदि आप में बुद्धि है, समझ है तो आप कितनी ही कठिन परिस्थितियाँ हो अपने आपको बचा सकते हैं। रिश्ते में स्त्री-पुरुष की बराबरी की बात भी मिर्च में कही गई है। साथ ही वर्तमान में कलाकारों को कितनी रचनात्मक स्वतंत्रता है, यह मुद्दा भी उठाया गया है।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें