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21 साल की हुईं सारा अर्जुन, विज्ञापन की दुनिया से शुरू हुआ था सफर
भारतीय सिनेमा में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो समय के साथ दर्शकों की आंखों के सामने बड़े होते हैं और अपनी कला से अमिट छाप छोड़ जाते हैं। ऐसी ही एक नाम है- सारा अर्जुन। 18 जून को सारा अपना 21वां जन्मदिन मना रही हैं। मात्र 6 साल की उम्र में कैमरे का सामना करने वाली सारा आज देश की सबसे होनहार और चर्चित पैन-इनडियन अभिनेत्रियों में शुमार हो चुकी हैं।
मुंबई में जन्मी सारा अर्जुन के अभिनय सफर की शुरुआत बेहद दिलचस्प रही। उन्होंने सिर्फ 6 साल की उम्र में मैकडॉनल्ड्स और क्लीनिक प्लस जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए टेलीविजन विज्ञापनों में काम करना शुरू कर दिया था। अपनी मासूमियत और स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने देखते ही देखते 100 से ज्यादा विज्ञापनों में काम किया और देश के हर घर का जाना-पहचाना चेहरा बन गईं।
इसके बाद साल 2011 में आई तमिल फिल्म 'दैवा थिरुमगल' ने सारा अर्जुन की किस्मत बदल दी। इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता विक्रम के साथ 'नीला' नाम की बच्ची का किरदार निभाया था। एक मानसिक रूप से कमजोर पिता और उसकी बेटी के इस इमोशनल ड्रामे में सारा के अभिनय ने समीक्षकों और दर्शकों दोनों को रोने पर मजबूर कर दिया। इस रोल के लिए उन्हें विजय अवार्ड्स में स्पेशल जूरी अवार्ड से भी नवाजा गया।
इसके बाद सारा अर्जुन ने 'सैवम' और एकता कपूर की हिंदी हॉरर फिल्म 'एक थी डायन' (2013) में भी अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाया। बाल कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद सारा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर एक्शन-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और इसके सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' साबित हुई। रणवीर सिंह के साथ इस हाई-ऑक्टेन स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा बनकर सारा ने बॉलीवुड में लीड एक्ट्रेस के तौर पर धमाकेदार एंट्री की।
फिल्म में सारा द्वारा निभाए गए 'यालीना जमाली' के तेज-तर्रार और इंटेन्स किरदार ने उनकी 'चाइल्ड एक्टर' वाली छवि को पूरी तरह से तोड़ दिया। इस रोल ने साबित कर दिया कि सारा सिर्फ मासूम किरदारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बड़े पर्दे पर एक्शन और गंभीर भूमिकाओं को भी बखूबी संभाल सकती हैं।
अपनी वर्सेटैलिटी को साबित करते हुए सारा ने हाल ही में रिलीज हुई निर्देशक गुनाशेखर की तेलुगु सोशल ड्रामा फिल्म 'यूफोरिया' (2026) में मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म में उन्होंने 'चैत्रा' नाम की एक महत्वाकांक्षी सिविल सेवा एस्पिरेंट का किरदार निभाया है, जिसकी जिंदगी एक दर्दनाक घटना के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी स्टारडम हासिल करने के बाद भी सारा जमीन से जुड़ी हुई हैं। हाल ही में उन्होंने सद्गुरु के 'ईशा होम स्कूल' का दौरा किया, जहां से उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, मैं इस होम स्कूल की पूर्व छात्रा रही हूं और मुझे यह जगह बेहद पसंद है। महाशिवरात्रि के मौके पर यहां वापस आकर मुझे बहुत खुशी हुई। जब मैं स्टूडेंट थी, तब भी मैं यहां लगातार यह त्योहार मनाती थी और अब जैसे ही मुझे दोबारा मौका मिला, मैं खुद को रोक नहीं पाई।
