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Last Updated : मंगलवार, 20 जनवरी 2026 (17:37 IST)

श्रीकृष्ण बनना मेरे माता-पिता के लिए सबसे बड़ा उपहार था: रजनीश दुग्गल

Rajniesh Dugall
फिल्म 1920, वजह तुम हो, डेंजरस इश्क और साइरा खान केस जैसी फिल्मों में नजर आ चुके अभिनेता रजनीश दुग्गल ने टीवी शो श्रीमद्‍ भगवत महापुराण में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों में एक अलग ही जगह बनाई। हाल ही में द वेदास स्पीक पॉडकास्ट में, जिसे डॉ. समीर अरोड़ा होस्ट कर रहे हैं और आजिंक्य जाधव की Paparazzi Entertainment ने प्रोड्यूस किया है, रजनीश ने इस किरदार को स्वीकार करने के पीछे की बेहद निजी और भावनात्मक वजह बताई।
 

‘पहले मन में शंका थी, लेकिन फैसला दिल से आया’

रजनीश दुग्गल ने बातचीत के दौरान बताया कि शुरुआत में वह इस भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। उन्होंने कहा,
“2018 और 2019 के बीच की बात है, जब प्रोड्यूसर निखिल द्विवेदी ने मुझे फोन किया और बताया कि वह कलर्स के लिए एक शो बना रहे हैं और चाहते हैं कि मैं कृष्णजी की भूमिका निभाऊं। मैंने उनसे पूछा, ‘मैं ही क्यों?’
 
उन्होंने कहा, ‘हमने बहुत लोगों से मुलाकात की, लेकिन जब भी मैं तुम्हारा चेहरा देखता हूं, उसमें एक शांत आभा नजर आती है। मुझे लगता है तुम यह किरदार बहुत अच्छे से निभा पाओगे।’”
 
रजनीश ने बताया कि उन्होंने निखिल से एक दिन का समय मांगा। उसी दौरान उनके माता-पिता वृंदावन शिफ्ट हो चुके थे और वे कृष्ण भक्त थे।
 
“मैंने अपने माता-पिता को फोन किया। उनसे बात करते-करते मुझे एहसास हुआ कि यह मौका खुद-ब-खुद मेरे पास आया है। लोग अपने माता-पिता को भौतिक चीजें देते हैं, लेकिन मुझे कृष्ण बनने का अवसर मिल रहा था। इससे बड़ा उपहार मैं अपने माता-पिता को और क्या दे सकता था?”
 

‘तुरंत हां कह दी, यह मेरे माता-पिता के लिए था’

इस एहसास के बाद रजनीश ने बिना देर किए फैसला ले लिया। “मैंने तुरंत निखिल को फोन किया और कहा कि मैं यह कर रहा हूं। जो भी तैयारी करनी है, शुरू करते हैं।”
 
उस वक्त रजनीश के पिता की तबीयत ठीक नहीं थी और वह डायलिसिस पर थे। “मैं सेट से लगातार उन्हें बीटीएस भेजता रहता था। कभी कृष्णजी के अवतार में मेरी तस्वीर, कभी मुकुट के साथ फोटो। सेट पर कबूतर और खरगोश भी होते थे, जिन्हें देखकर वह हंसते थे। इससे उन्हें बहुत खुशी मिलती थी,” रजनीश ने भावुक होकर बताया।
 

‘पिता शो के ऑन-एयर होने से पहले चले गए’

यह शो पूरी तरह शूट होने के बाद ऑन-एयर होना था, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका। “मैं जानता था कि उनकी सेहत हर दिन गिरती जा रही है, लेकिन फिर भी वह मुझे हौसला देते रहते थे। कहते थे, ‘मैं तुम्हारा शो देखने का इंतजार कर रहा हूं।’ यह बात आज भी मेरे साथ है। काश वह इसे देख पाते, लेकिन शायद उन्होंने वहां से देखा,” रजनीश ने कहा।
 

होस्ट डॉ. समीर अरोड़ा के शब्दों ने दिया सुकून

इस भावुक पल पर होस्ट डॉ. समीर अरोड़ा ने रजनीश को सांत्वना देते हुए कहा, “शायद कृष्णजी ने ही तय किया होगा कि आपके पिता उनके पास आएं और आप उनके लिए कृष्ण बनें। मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा ही रहा होगा।”
 

अंतिम संस्कार के बाद मिला दिव्य अनुभव

पिता के अंतिम संस्कार के बाद रजनीश मुंबई लौटे और उन्होंने एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसे वह आज भी दिव्य मानते हैं।
 
“मैं मन शांत करने के लिए जॉगिंग पर गया। बहुत पसीना आ रहा था, तो पार्क के एक कोने में बैठ गया। जैसे ही आंखें बंद कीं, मैंने सेवा कुंज में कृष्णजी और राधारानी को देखा। फिर मैंने अपने पिता को स्वस्थ और तेजस्वी रूप में देखा। उनके चेहरे पर चमकदार मुस्कान थी और वह एक थाली में कृष्णजी के चरण साफ कर रहे थे। उन्होंने पीछे मुड़कर मेरी तरफ देखा और मुस्कुराए।”
 
इस दृश्य को याद करते हुए रजनीश ने कहा, “उस वक्त मेरी आंखों में आंसू थे, लेकिन मैं हंस रहा था। शायद, जैसा आपने कहा, उन्होंने वह शो कृष्णजी के साथ बैठकर देखा। वह वहीं चले गए, जहां उन्हें जाना था।”
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