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  4. Fantasy films have become the first choice of todays audiences says Suraj Singh
Last Modified: शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 (12:48 IST)

आज के दर्शकों की पहली पसंद बन चुकी हैं फैंटेसी फ़िल्में - सूरज सिंह

film Rahu Ketu
भारतीय सिनेमा में धीरे-धीरे अपनी जगह बना चुकी फैंटेसी फिल्मों ने आज उन दर्शकों के बीच अपनी पैठ बना ली है, जो सिनेमाघरों में भव्य अनुभव की तलाश में है। फैंटेसी उन्हें भाषा की सीमाओं से परे स्केल, भावनाओं और विज़ुअल स्टोरीटेलिंग का खूबसूरत संगम देती है। 
 
अगर यह कहें तो गलत नहीं होगा कि भारतीय पौराणिक कथाओं से प्रेरित और आधुनिक कल्पना से सजी यह जॉनर अब फिल्ममेकर्स के लिए सबसे फ्यूचर-फेसिंग विकल्प बन चुकी है। इस संदर्भ में बीलाइव प्रोडक्शन के मालिक और फैंटेसी फिल्म 'राहु केतु' के निर्माता सूरज सिंह का कहना है कि बड़े स्तर की फैंटेसी जॉनर की फिल्मों के लिए इससे बेहतर समय आ ही नहीं सकता। 
 
सूरज सिंह के अनुसार, भारतीय दर्शक अब फैंटेसी फिल्मों को अपनाने में झिझकते नहीं हैं, खासकर तब, जब ये कहानियां परिचित पौराणिक और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़ी हों। हालांकि आज बेहद मजबूती से दर्शकों से जुड़ते जा रहे फैंटेसी फिल्मों पर अपनी बात रखते हुए सूरज सिंह कहते हैं, फैंटेसी और पौराणिक कथाएँ भारत में हमेशा से काम करती रही हैं, लेकिन आज उसका स्केल बदल चुका है। 
 
उन्होंने कहा, दर्शक 'रामायण' और 'नागज़िला' जैसी फिल्मों का इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि वे भावनाओं के साथ भव्यता भी चाहते हैं। 'राहु केतु' की रिलीज़ के साथ शुरू हो रहे साल ने यह उम्मीद जगा दी है कि भारतीय फैंटेसी कितना आगे जा सकती है। साथ ही वीएफएक्स और कल्पना की ताक़त ने अब हमें अपनी कहानियों को उसी रूप में पेश करने का मौका दिया है, जैसा हम हमेशा से सोचते आए हैं और हो भी क्यों न, जब तकनीक विश्वास का साथ देती है, तो दर्शक पूरी तरह कहानी में डूब जाते हैं।
 
गौरतलब है कि इस साल रिलीज़ के लिए तैयार 'रामायण' और 'नागज़िला' जैसी फिल्मों को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जो स्पेक्टेकल-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग के प्रति दर्शकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। वहीं, साल की शुरुआत 'राहु केतु' जैसी फैंटेसी फिल्म से होना, भारतीय फैंटेसी सिनेमा को लेकर दर्शकों की उम्मीदों को और ऊंचा ले जाता है।
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