राजघराने से ताल्लुक रखती हैं भाग्यश्री, आखिर क्यों करियर के पीक पर छोड़ी फिल्में?
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जिन्हें वक्त कभी धुंधला नहीं कर पाता। 'मैंने प्यार किया' की मासूम 'सुमन' यानी भाग्यश्री अपना 57वां जन्मदिन मना रही हैं। सादगी, शालीनता और शाही विरासत की मिसाल भाग्यश्री का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
23 फरवरी 1969 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं भाग्यश्री का नाता एक बेहद प्रतिष्ठित राजघराने से है। वे सांगली के राजा विजय सिंहराव माधवराव पटवर्धन की सबसे बड़ी सुपुत्री हैं। तीन बहनों में सबसे बड़ी भाग्यश्री की परवरिश किसी राजकुमारी की तरह हुई, लेकिन उनकी किस्मत में कला की दुनिया की चमक लिखी थी।
भाग्यश्री ने अपने करियर की शुरुआत 1987 में दिग्गज निर्देशक अमोल पालेकर के टीवी शो 'कच्ची धूप' से की थी। लेकिन असली जादू साल 1989 में हुआ, जब सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' रिलीज हुई। सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और वे देश की 'नेशनल क्रश' बन गईं।
जब भाग्यश्री का करियर सातवें आसमान पर था, तब उन्होंने हिमालय दासानी के साथ शादी का फैसला कर लिया। शादी के बाद उन्होंने एक शर्त रखी कि वे केवल अपने पति के साथ ही फिल्मों में काम करेंगी। इसी शर्त के कारण 'कैद में है बुलबुल', 'त्यागी' और 'पायल' जैसी फिल्में आईं, लेकिन दर्शकों ने उन्हें वैसा प्यार नहीं दिया जैसा 'सुमन' को मिला था।
फिल्मों से ब्रेक लेने के बाद भाग्यश्री ने खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने भोजपुरी, मराठी और तेलुगु फिल्मों में अपनी प्रतिभा दिखाई। साल 2001 में 'हेल्लो गर्ल्स' से वापसी की कोशिश की और 2023 में वे सलमान खान की फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' में एक बेहद खास कैमियो में नजर आईं, जिसने प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा कर दीं।
57 वर्ष की आयु में भी भाग्यश्री अपनी फिटनेस से नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों को टक्कर देती हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने 'Tuesday Tips' और डाइट प्लान्स के जरिए लाखों लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही हैं।