गजब... सलमान खान और एसपी बालासुब्रमण्यम की जुगलबंदी

समय ताम्रकर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 25 सितम्बर 2020 (15:10 IST)
किसी गायक और अभिनेता की जुगलबंदी इतनी बढ़िया तरीके से तालमेल में आ जाती है कि दर्शक गाना देखते समय सुधबुध खो बैठते हैं। गायक जानता है कि उसके गाए गाने को अभिनेता किस तरह से परदे पर अभिनीत करेगा। किस तरह से अपनी अदायगी दिखाएगा। इसलिए वो गाते समय अपनी आवाज में परिवर्तन लाता है और आवाज के जरिये ही हावभाव पैदा करता है ताकि अभिनेता को आसानी हो। अभिनेता भी अपने खास गायक के गायकी के भाव पकड़ लेता है और उन्हें अपने एक्सप्रेशन्स के जरिये और प्रभावी बना देता है। मुकेश-राज कपूर, किशोर कुमार-देवआनंद, किशोर कुमार- राजेश खन्ना, मोहम्मद रफी- शम्मी कपूर जैसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं। ऐसा ही एक उदाहरण और का है।

सलमान खान की बतौर हीरो पहली फिल्म है 'मैंने प्यार किया'। यह एक म्यूजिकल लव स्टोरी थी। चूंकि हीरो-हीरोइन नए थे इसलिए निर्देशक सूरज बड़जात्या ने संगीत पर खासा जोर दिया। हीरोइन के लिए लता मंगेशकर का चुनाव किया गया। हीरो के लिए सूरज बड़जात्या कुछ अलग आवाज चाहते थे। संगीतकार राम-लक्ष्मण और उन्होंने एसपी बालासुब्रमण्यम को फाइनल किया।
दक्षिण भारतीय फिल्मों में एसपी बड़ा नाम थे। एक दूजे के लिए से कमल हासन ने हिंदी फिल्मों में शुरुआत की थी और इस फिल्म में एसपी द्वारा गाए गीतों ने धूम मचा दी थी। लता-एसपी ने इस फिल्म में कमाल के गाने गाए थे। इस तरह से सलमान खान की आवाज बने एसपी।

आते जाते हंसते गाते, कबूतर जा जा जा, आजा शाम होने आई, मेरे रंग में रंगने वाली, दिल दीवाना, आया मौसम दोस्ती का, एसपी ने ऐसे गाए कि युवा सलमान पर न केवल उनकी आवाज जमी बल्कि फिल्म के संगीत ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। आज भी ये गाने जवां और ताजगी से भरे लगते हैं और इसमें एसपी का अहम योगदान है। इसके बाद सलमान की एसपी आवाज बन गए।

सूरज बड़जात्या ने जब सलमान खान के साथ अपनी दूसरी फिल्म 'हम आपके हैं कौन!' (1994) बनाई तो उसमें भी एसपी की आवाज ली। दीदी तेरा देवर दीवाना, मौसम का जादू, जूते दो पैसे लो, पहला पहला प्यार है, धिक्ताना, मुझसे जुदा होकर, हम आपके हैं कौन, वाह वाह रामजी जैसे गानों ने धूम मचा दी।

इस फिल्म के गाने कुछ इस तरह फिल्माए जो कहानी को भी आगे ले जाते हैं। इसमें एसपी की आवाज और सलमान की अदायगी ने कमाल किया। सलमान की मासूमियत और एसपी की रोमांस से सराबोर आवाज ने परदे पर सलमान और माधुरी दीक्षित की केमिस्ट्री को कमाल का उभारा और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बरसात कर दी।

1991 में सलमान खान को लेकर निर्देशक सुरेश कृष्णा ने 'लव' नामक फिल्म बनाई थी जिसमें हीरोइन रेवती थीं। फिल्म असफल रही, लेकिन गाने हिट रहे। आनंद-मिलिंद का संगीत था जो एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज का काफी उपयोग हिंदी फिल्मों में करते थे।

लव का गाना 'साथिया तूने क्या किया' आज भी सुनने लायक है। एसपी ने इसे दिल की गहराइयों से गाया है और रोमांस को उड़ेल कर रख दिया है। सलमान की अदायगी भी देखने लायक है। इसी फिल्म में एसपी ने सलमान के लिए 'आजा आजा गिव मी ए किस', 'माय लव मेरी प्रियतमा' और 'वी आर मेड फॉर इच अदर' जैसे गाने गाए।

1991 में निर्देशक लॉरेंस डिसूजा ने साजन नामक म्यूजिकल फिल्म बनाई थी। फिल्म की स्टोरी से कई लोग असहमत थे। आमिर खान ने भी इसी कारण फिल्म छोड़ दी थी, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी। सलमान खान, संजय दत्त और माधुरी दीक्षित का प्रेम-‍ित्रकोण था। नदीम-श्रवण ने मधुर संगीत दिया और सलमान के लिए एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज का उपयोग किया।

देखा है पहली बार, जिये तो जिये कैसे, तुमसे मिलने की तमन्ना है, पहली बार मिले हैं गानों ने धूम मचा दी। एसपी-सलमान की जुगलबंदी फिर रंग लाई।

1994 में राजकुमार संतोषी ने आमिर खान और सलमान खान को लेकर कॉमेडी मूवी अंदाज अपना अपना बनाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन टीवी पर खूब देखी गई और कल्ट फिल्म मानी गई। इसमें सलमान के लिए एसपी की आवाज का ही इस्तेमाल हुआ। दो मस्ताने चले, ये रात और ये दूरी में एसपी ने सलमान को आवाज दी और ये गाने हिट रहे।

बाद में सलमान एक्शन मूवी की ओर मुड़ गए। एसपी उनके लिए रोमांटिक फिल्मों के लिए गाने गाते थे। इसलिए दोनों का साथ छूट गया, लेकिन प्रेम जैसे किरदार के लिए सलमान को हमेशा एसपी की ही जरूरत पड़ी।



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