प्रभास के स्वभाव के बारे में बता रही हैं श्रद्धा कपूर

रूना आशीष| पुनः संशोधित शनिवार, 31 अगस्त 2019 (13:02 IST)
साहो फिल्म में के रोल के लिए का कहना था कि इतनी दुबली-पतली हीरोइन होने को बाद भी उन्होंने जो फाइट सीन किए हैं उसे देख तो मैं यकीन ही नहीं कर सका कि श्रद्धा अपना काम कितनी खूबसूरती से कर लेती हैं।

श्रद्धा इन दिनों सिर्फ काम में मसरूफ हैं। प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान श्रद्धा ने वेबदुनिया संवाददाता को बताया कि फिल्म में एक डायलॉग है कि हम दिन-रात की तरह हैं जो अलग रह नहीं सकते और साथ आ नहीं सकते। ये डायलॉग तो मैं अपने दोस्तों को बोल सकती हूं जो सारा समय साथ रहना चाहते हैं, लेकिन साथ में समय बीता ही नहीं पाते।

मेरे बहुत सारे दोस्त नहीं हैं, लेकिन स्कूल-कॉलेज वाली दोस्ती अभी भी बरक़रार है। ये ही दोस्त हैं जिनसे मैं खुलकर ये भी कह सकती हूँ कि बहुत देर साथ रह लिए, चलो अब जाओ।

ये मेरे इतने बड़े क्रिटिक हैं कि उन्हें मेरा काम पसंद नहीं आता तो बोल देते हैं या बताते हैं कि ये फिल्म क्यों कर ली? कई बार बोलना पड़ता है कि कभी तो मेरी तारीफ भी कर लिया करोँ हमेशा काम में नुक़्स निकालते रहते हो।


श्रद्धा आगे बताती हैं कि हमारे व्हाट्स एप ग्रुप पर तो मैंने अपनी पिक्चर डालना ही छोड़ दी है। मेरी एक बहुत क़रीबी दोस्त है और उसका फैशन सेंस बहुत अच्छा है। वह कितनी बार टोकती है कि ये मेकअप इस ड्रेस के साथ क्यों किया या ये वाला हेअर स्टाइल ठीक नहीं लग रहा है, आगे से मत करना।
कभी कहती है तुम अब एक्ट्रेस हो। ऐसे कैसे ट्रैकपैंट में चली गई या कोई स्लीपर्स में बाहर जाता है क्या? यानी मैंने मान लिया है कि कभी भी ये लोग मेरे बारे में अच्छा नहीं बोलने वाले। वो तो मेरी मेकअप टीम बहुत अच्छी है जो मुझे आधे घंटे में तैयार कर देती है, वरना मेकअप बहुत समय ले लेता है।

साहो का एक्शन के लिए कोई तैयारी की?
हां। फिल्म के एक्शन डिपार्टमेंट के लोग हॉलीवुड से थे। उनसे सीखने में मज़ा आया, लेकिन मेरे लिए ये एक्शन सीक्वेंस बहुत परेशानी भरे रहे। हुआ यूँ कि पिछले साल शूट करते समय सितंबर में मुझे डेंगू हो गया था। ये बीमारी आपकी सारी शक्ति खींच लेती है। मैंने बहुत मुश्किल से ये सारे स्टंट सीखे। फिर 'स्ट्रीट डांसर' का शूट शुरू हुआ। उसमें तो इतनी बार चोट लगी कि आज भी पूरी गर्दन मोड़ कर देख नहीं पाती।
आपने सायना के लिए तैयारी की, लेकिन अब आप उसका हिस्सा नहीं हैं?
मैंने तो बैडमिंटन की क्लासेस भी शुरू कर दी थी। फिर मेरे पास 'स्ट्रीट डांसर' आई। रैमो सर जो बना रहे हैं उन्होंने मुझे एबीसीडी 2 भी दी थी। एक तरह से वह मेरे गुरु हैं। डेंगू होने के कारण मेरी सारी की सारी डेट्स आगे शिफ्ट हो गईं। एक दिन भूषण कुमार जी बोले कि दोनों में एक साथ काम नहीं कर सकती हो क्योंकि दोनों की डेट टकरा रही थी तो फिर मैंने स्ट्रीट डांसर चुन ली।



प्रभास के साथ काम करना कैसा रहा?
वो बहुत चिल्ड आउट किस्म के हैं। हम शूट शुरू करने से दो या तीन दिन पहले मिले और मुझे लगा ही नहीं कि हम एक दूसरे से अभी मिले हैं। वह दोस्ताना व्यवहार वाले हैं। अपने काम को लेकर हमेशा उत्साह देखा है मैंने उनमें। हम दोनों ने फिल्म के अलावा खाने के बारे में बहुत बातें की। वे अपने घर से मेरे लिए खाना भी ले कर आए हैं।

 

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